कर्नाटक

बिदादी विवाद में JDS का हमला, किसानों की FIR रद्द करने की मांग

Kavita2
14 July 2026 2:31 PM IST
बिदादी विवाद में JDS का हमला, किसानों की FIR रद्द करने की मांग
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बेंगलुरु : कर्नाटक में बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब जनता दल (सेक्युलर) की युवा इकाई के अध्यक्ष निखिल कुमारस्वामी ने राज्य सरकार पर किसानों के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए दर्ज एफआईआर को तुरंत रद्द करने की मांग की है।

निखिल कुमारस्वामी ने कहा कि बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट के विरोध में आवाज उठा रहे किसानों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामले गलत हैं। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह किसानों की आवाज दबाने के लिए पुलिस कार्रवाई का सहारा ले रही है।

जेडीएस युवा नेता ने कहा कि बिदादी टाउनशिप के मुद्दे पर सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे किसानों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने बिना उचित सूचना दिए किसानों की जमीन में प्रवेश कर संयुक्त मापी की प्रक्रिया शुरू की, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया।

निखिल कुमारस्वामी ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों के संघर्ष को दबाने के लिए एफआईआर को डराने और धमकाने के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने इसे जनविरोधी कदम बताया और सरकार से अपना रुख बदलने की मांग की।

उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। जेडीएस उनके संघर्ष में उनके साथ खड़ी है और जरूरत पड़ने पर किसानों को कानूनी सहायता और हर संभव समर्थन दिया जाएगा।

निखिल कुमारस्वामी ने सरकार को चेतावनी दी कि किसानों के खिलाफ दर्ज कथित झूठी एफआईआर को 48 घंटे के भीतर वापस लिया जाए। साथ ही उन्होंने हिरासत में लिए गए निर्दोष लोगों को तुरंत रिहा करने की मांग भी की।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो जेडीएस किसानों के समर्थन में बड़ा आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर किसानों के अधिकारों की अनदेखी कर रही है।

गौरतलब है कि बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर पिछले कुछ समय से कर्नाटक में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। इस परियोजना का जेडीएस लगातार विरोध कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इससे बड़ी संख्या में किसानों की जमीन प्रभावित हो सकती है।

प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट करीब 7,500 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जाने की योजना है। इस परियोजना पर लगभग 18,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सरकार का उद्देश्य बेंगलुरु के आसपास आधुनिक शहरी सुविधाओं का विस्तार करना बताया जा रहा है।

हालांकि, किसानों और विपक्षी दलों का कहना है कि परियोजना के लिए जमीन से जुड़े मुद्दों को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनका आरोप है कि जमीन अधिग्रहण और विकास योजनाओं में किसानों की सहमति जरूरी है।

इस विवाद में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी भी सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं। देवेगौड़ा ने पहले ही चेतावनी दी है कि यदि बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया गया तो वह विधानसभा के सामने धरना देंगे।

वहीं, सरकार की ओर से अभी तक जेडीएस के आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, सरकार लगातार कहती रही है कि विकास परियोजनाओं में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा।

बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट अब विकास बनाम किसानों के अधिकार की बहस का केंद्र बन चुका है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना है। फिलहाल जेडीएस ने किसानों के समर्थन में आंदोलन की चेतावनी देकर सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।

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