कर्नाटक

Jarkiholi बोले: सिद्धारमैया से मतभेद नहीं, हम साथ हैं

Kavita2
27 Jun 2026 11:10 AM IST
Jarkiholi बोले: सिद्धारमैया से मतभेद नहीं, हम साथ हैं
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Karnataka कर्नाटक: पब्लिक वर्क्स मंत्री सतीश जारकीहोली ने स्पष्ट किया है कि उनका पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ किसी भी तरह का मतभेद नहीं है। बेलगाम में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने इन सभी अटकलों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच संबंध मजबूत और सौहार्दपूर्ण हैं।

सतीश जारकीहोली ने कहा कि उनके और सिद्धारमैया के बीच किसी प्रकार की दूरी या मनमुटाव की बात सही नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। हम साथ हैं और भविष्य में भी साथ रहेंगे।”

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब कर्नाटक कांग्रेस यूनिट के भीतर कथित अंदरूनी मतभेदों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज थीं। खासकर सिद्धारमैया के करीबी और वफादार माने जाने वाले वरिष्ठ नेताओं के बीच अलग-अलग राय और राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं।

पार्टी के अंदर नेतृत्व और समन्वय को लेकर समय-समय पर उठने वाली चर्चाओं के बीच जारकीहोली का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसे संगठन में एकजुटता बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

सतीश जारकीहोली कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं और राज्य की राजनीति में उनका महत्वपूर्ण प्रभाव माना जाता है। वहीं सिद्धारमैया भी कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं। ऐसे में दोनों नेताओं के संबंधों को लेकर अक्सर राजनीतिक विश्लेषकों की नजर रहती है।

हालांकि हाल के दिनों में पार्टी के भीतर संभावित गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर चर्चाएं सामने आती रही हैं, लेकिन जारकीहोली ने अपने बयान से यह संकेत देने की कोशिश की है कि संगठन में किसी भी प्रकार का विभाजन नहीं है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी एकजुट है और सभी नेता मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी की प्राथमिकता राज्य में विकास कार्यों को आगे बढ़ाना और जनता से जुड़े मुद्दों का समाधान करना है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ऐसे बयानों का उद्देश्य पार्टी के भीतर एकता का संदेश देना और बाहरी अटकलों को खत्म करना होता है। खासकर जब विपक्षी दल लगातार कांग्रेस सरकार की आंतरिक स्थिति पर सवाल उठाते हैं।

बेलगाम में दिए गए इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि पार्टी के भीतर किसी भी तरह के मतभेद की बात को अब सार्वजनिक रूप से खारिज किया जा रहा है, ताकि संगठन की छवि पर असर न पड़े।

फिलहाल, सतीश जारकीहोली के इस बयान को कांग्रेस के भीतर स्थिरता और एकजुटता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व की ओर से भी समय-समय पर ऐसे संकेत दिए जाते रहे हैं कि सभी नेता एक साथ काम कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, सतीश जारकीहोली के बयान ने सिद्धारमैया के साथ उनके रिश्तों को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है और कर्नाटक कांग्रेस के भीतर एकता बनाए रखने का संदेश दिया है।

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