
Karnataka कर्नाटक: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के फाइनल मुकाबले को लेकर बड़ा फैसला लिया है। पहले यह मैच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में आयोजित होना था, लेकिन अब इसे गुजरात के अहमदाबाद में शिफ्ट कर दिया गया है। इस बदलाव के बाद क्रिकेट और राजनीतिक दोनों ही हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, BCCI ने यह निर्णय कई कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया है। इनमें कथित तौर पर स्टेडियम की क्षमता से जुड़ी सीमाएं, स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर उठी चिंताएं और कुछ संगठनात्मक मुद्दे शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा यह भी दावा किया जा रहा है कि मैच से पहले टिकट आवंटन को लेकर विधायकों (MLA) की ओर से अधिक मांगें सामने आई थीं, जिससे व्यवस्था पर दबाव बढ़ा।
सूत्रों के मुताबिक, आयोजन स्थल को लेकर BCCI और संबंधित राज्य क्रिकेट संघ के बीच लगातार बातचीत चल रही थी, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद बोर्ड ने टूर्नामेंट के सबसे बड़े मुकाबले को बेहतर प्रबंधन और बड़ी क्षमता वाले स्टेडियम में कराने के उद्देश्य से अहमदाबाद को चुना।
अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम पहले भी कई बड़े अंतरराष्ट्रीय और IPL मुकाबलों की मेजबानी कर चुका है। इसे दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियमों में से एक माना जाता है, जहां सुरक्षा, दर्शक प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स की मजबूत व्यवस्था उपलब्ध है। इसी वजह से BCCI ने फाइनल जैसे हाई-प्रोफाइल मैच के लिए इसे प्राथमिकता दी।
हालांकि इस फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस पूरे मामले पर बयान देते हुए कहा कि IPL फाइनल के स्थान परिवर्तन का विधायकों को दिए जाने वाले टिकटों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह के आरोपों को जोड़ना सही नहीं है और आयोजन स्थल बदलने के पीछे तकनीकी और प्रशासनिक कारण हो सकते हैं।
इस बीच, बेंगलुरु में क्रिकेट प्रेमियों में निराशा देखी जा रही है, क्योंकि चिन्नास्वामी स्टेडियम में फाइनल मैच की मेजबानी को लेकर लंबे समय से तैयारी चल रही थी। वहीं अहमदाबाद में क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उत्साह बढ़ गया है, क्योंकि अब उन्हें IPL 2026 का फाइनल देखने का मौका मिलेगा।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि BCCI का यह कदम आयोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिहाज से लिया गया है, हालांकि राजनीतिक बयानबाजी के चलते यह फैसला चर्चा में बना हुआ है।
अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि फाइनल मैच की आधिकारिक तारीख और टिकट व्यवस्था को लेकर BCCI आगे क्या घोषणा करता है।





