कर्नाटक
पुलकेशीनगर विस्फोट की जांच तेज, पार्सल भेजने वाले की तलाश
Ratna Netam
25 Oct 2026 5:59 PM IST

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बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के पुलकेशीनगर इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत में हुए विस्फोट के मामले में पुलिस की जांच जारी है। घटना में दो लोग घायल हुए थे। जांच एजेंसियां विस्फोट में इस्तेमाल वस्तु की प्रकृति, उसे इमारत तक पहुंचाने वाले व्यक्ति और घटना के पीछे संभावित मकसद का पता लगाने में जुटी हैं। मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी जांच से जुड़ी जानकारी जुटाई है। पुलिस व्यक्तिगत रंजिश समेत विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।उपलब्ध रिपोर्टों में अभी तक तीन लोगों की गिरफ्तारी और आतंकी पहलू को पूरी तरह खारिज किए जाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है। 23 अक्टूबर तक की रिपोर्टों के अनुसार, जांच एजेंसियां संभावित विस्फोटक उपकरण के इस्तेमाल और घटना के पीछे के मकसद की जांच कर रही थीं। इसलिए मामले को पूरी तरह सुलझा हुआ बताना फिलहाल उचित नहीं होगा।
20 अक्टूबर को निर्माणाधीन इमारत में हुआ था विस्फोट
यह घटना 20 अक्टूबर 2026 को पूर्वी बेंगलुरु के पुलकेशीनगर क्षेत्र में जेरमिया रोड स्थित एक निर्माणाधीन आवासीय इमारत में हुई थी। विस्फोट के समय इमारत में आंतरिक निर्माण और मरम्मत से जुड़े काम चल रहे थे। घटना में सुरक्षा गार्ड सूरज कुमार और वहां मौजूद मजदूर अलाउद्दीन घायल हो गए थे। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विस्फोट एक ऐसी वस्तु में हुआ था, जो बैटरी से चलने वाली टॉर्च जैसी दिखाई दे रही थी। बताया गया कि वस्तु का बटन दबाने के बाद विस्फोट हुआ। हालांकि, जांच एजेंसियों ने उसके वास्तविक स्वरूप और उसमें इस्तेमाल सामग्री की पुष्टि के लिए फॉरेंसिक जांच का सहारा लिया।
पार्सल के जरिए इमारत तक पहुंची थी संदिग्ध वस्तु
जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण पहलू यह सामने आया कि संदिग्ध वस्तु एक पार्सल में रखकर इमारत तक पहुंचाई गई थी। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की 23 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा गार्ड को फोन करके पार्सल लेने के लिए कहा गया था। इसके बाद पार्सल खोला गया और वस्तु को चालू करने की कोशिश के दौरान विस्फोट हो गया।पुलिस सुरक्षा गार्ड के फोन कॉल रिकॉर्ड और पार्सल पहुंचाने की प्रक्रिया की जांच कर रही थी। जांचकर्ताओं का उद्देश्य यह पता लगाना है कि पार्सल किसने भेजा, फोन करने वाला व्यक्ति कौन था और वस्तु में विस्फोटक सामग्री होने की जानकारी किसे थी।
व्यक्तिगत रंजिश के पहलू की भी जांच
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी हो सकती है। जांच से जुड़े सूत्रों ने सुरक्षा गार्ड को संभावित निशाना बनाए जाने की आशंका जताई थी। हालांकि, इसे अभी जांच का एक पहलू माना जा रहा है, न कि स्थापित तथ्य।इस मामले में पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोट किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया था या इसके पीछे कोई दूसरा कारण था। घटना से संबंधित लोगों के बयान, फोन रिकॉर्ड और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
NIA समेत जांच एजेंसियां जुटीं
विस्फोट की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ आंतरिक सुरक्षा विभाग, आतंकवाद निरोधक इकाई और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने भी जांच की। इसके अलावा, एनआईए के अधिकारियों ने मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई। जांच एजेंसियां घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों को एक साथ जोड़कर घटना की परिस्थितियां समझने का प्रयास कर रही हैं।कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने लोगों से अपील की थी कि जांच पूरी होने से पहले अफवाहों पर भरोसा न करें। पुलिस ने भी स्पष्ट किया था कि विस्फोट के वास्तविक कारण और उसमें इस्तेमाल सामग्री के बारे में निष्कर्ष निकालने के लिए जांच जरूरी है।फिलहाल, पुलकेशीनगर विस्फोट मामले में पार्सल के स्रोत, संभावित व्यक्तिगत रंजिश और संदिग्ध वस्तु की प्रकृति जैसे सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही घटना के पीछे के कारण और जिम्मेदार लोगों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
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