
Karnataka कर्नाटक: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के लिए प्राप्त दान राशि की गिनती में कथित अनियमितताओं के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। RSS ने भरोसा जताया है कि इस मामले में चल रही विशेष जांच दल (SIT) और पुलिस जांच से पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
बेलगाम में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक रविवार को संपन्न हुई। इस बैठक में देश के मौजूदा हालात, सामाजिक मुद्दों और संगठन की भविष्य की रणनीति समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में RSS के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेकर ने अयोध्या श्री राम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े दान राशि मामले पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैठक में दान राशि की गिनती में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर चर्चा हुई और चिंता व्यक्त की गई।
सुनील अंबेकर ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर इस मामले की जांच शुरू की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि SIT और पुलिस जांच अपने महत्वपूर्ण चरण में पहुंच रही है और जांच पूरी होने के बाद मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में सच्चाई तक पहुंचने के लिए जांच प्रक्रिया का पालन जरूरी होता है। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच एजेंसियां निष्पक्ष तरीके से काम करेंगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, वे सभी के सामने होंगे।
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और राम भक्तों ने दान दिया था। इस दान राशि के प्रबंधन और उपयोग की जिम्मेदारी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट संभाल रहा है।
मंदिर निर्माण के लिए देशभर में निधि समर्पण अभियान चलाया गया था, जिसमें लाखों लोगों ने अपनी श्रद्धा के अनुसार योगदान दिया। इसी दौरान जमा हुई राशि और उसके लेखा-जोखा को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
RSS ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। इसलिए इससे जुड़े किसी भी आरोप या विवाद की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होना जरूरी है।
बैठक में संगठन के विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की गई। RSS की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में देशभर के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए और सामाजिक, सांस्कृतिक तथा संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की गई।
सुनील अंबेकर ने कहा कि संघ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहा है और देश की वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य की योजनाओं पर भी विचार किया गया।
राम मंदिर से जुड़ा मामला धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में दान राशि से जुड़े किसी भी आरोप को लेकर जांच और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी पहले कहा है कि मंदिर निर्माण और दान राशि के उपयोग से जुड़े सभी कार्य नियमों और पारदर्शी व्यवस्था के तहत किए जा रहे हैं।
फिलहाल जांच एजेंसियां मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं। इसमें दान राशि की गिनती, रिकॉर्ड और संबंधित प्रक्रियाओं की समीक्षा शामिल है।
RSS का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी। संघ ने लोगों से जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखने की अपील की है।
अयोध्या में बन रहा श्री राम जन्मभूमि मंदिर देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक परियोजनाओं में से एक है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मंदिर को लेकर हर गतिविधि पर देशभर की नजर रहती है।
अब सभी की निगाहें SIT और पुलिस जांच की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दान राशि की गिनती से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है।





