
बेंगलुरु: एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने अपने एक पूर्व ग्राउंड स्टाफ कर्मचारी के उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि यूनिफॉर्म की टाई न पहनने पर एक अधिकारी ने उसे अपने सुपरवाइजर के पैर छूकर माफी मांगने के लिए मजबूर किया। कंपनी ने इन आरोपों को “बेबुनियाद और वास्तविकता से बहुत दूर” बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी एकतरफा है और इससे कंपनी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
यह मामला बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KIA) से जुड़ा है, जहां इंडिगो के ग्राउंड स्टाफ में काम करने वाले मोहम्मद जमशेद ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था। वीडियो में उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ने की वजह बताते हुए कथित तौर पर कार्यस्थल पर अपमानजनक व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया।
जमशेद ने वीडियो में दावा किया कि एयरपोर्ट टर्मिनल के निरीक्षण के दौरान वह अपनी यूनिफॉर्म की टाई पहनना भूल गए थे। उन्होंने कहा कि यह एक छोटी गलती थी, लेकिन इसके बाद एक वरिष्ठ अधिकारी ने उनके साथ ऐसा व्यवहार किया, जिससे उन्हें मानसिक रूप से काफी ठेस पहुंची।
पूर्व कर्मचारी के अनुसार, अधिकारी ने कथित तौर पर उन्हें अपने साथी कर्मचारी और सुपरवाइजर के पैर छूकर माफी मांगने के लिए कहा। जमशेद ने वीडियो में कहा कि इस तरह का व्यवहार उनके आत्मसम्मान के खिलाफ था, इसलिए उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद उन्हें वह नौकरी छोड़नी पड़ी, जिसे उन्होंने अपनी इच्छा से शुरू किया था।
जमशेद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद कई लोगों ने कार्यस्थल पर कर्मचारियों के साथ व्यवहार और सम्मान को लेकर सवाल उठाए। वीडियो सामने आने के बाद इंडिगो ने मामले पर आधिकारिक बयान जारी किया।
कंपनी ने कहा कि सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। इंडिगो ने अपने बयान में कहा कि ऑनलाइन प्रसारित हो रही खबरें पूरी तरह एकतरफा हैं और कंपनी की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाली हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह अपने कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक और पेशेवर व्यवहार के लिए प्रतिबद्ध है।
इंडिगो ने यह भी कहा कि संगठन में कर्मचारियों के लिए तय प्रक्रियाएं और आचार संहिता मौजूद हैं। किसी भी अनुशासनात्मक मामले को निर्धारित नियमों के अनुसार ही संभाला जाता है। कंपनी ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए मामले को अपने स्तर पर देखने की बात कही है।
एयरलाइन उद्योग में यूनिफॉर्म और ड्रेस कोड को लेकर सख्त नियम होते हैं, क्योंकि कर्मचारियों की उपस्थिति यात्रियों के अनुभव और कंपनी की छवि से जुड़ी होती है। हालांकि, कर्मचारियों के साथ व्यवहार और अनुशासन लागू करने के तरीके को लेकर भी कंपनियों से संवेदनशीलता बरतने की अपेक्षा की जाती है।
मोहम्मद जमशेद के आरोपों के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने कार्यस्थल पर सम्मान और कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर चर्चा शुरू कर दी। कुछ लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की, जबकि कंपनी ने आरोपों को गलत बताते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की।
फिलहाल, इस मामले में किसी स्वतंत्र जांच या आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। इंडिगो की ओर से जारी बयान के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि कंपनी इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े संगठनों में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है, लेकिन कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार भी उतना ही महत्वपूर्ण है। किसी भी शिकायत या विवाद को पारदर्शी तरीके से सुलझाना संगठन और कर्मचारियों दोनों के हित में होता है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कॉर्पोरेट और सेवा क्षेत्र में कार्यस्थल के माहौल, कर्मचारियों के सम्मान और प्रबंधन के व्यवहार को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।
फिलहाल इंडिगो ने अपने पूर्व कर्मचारी के आरोपों को सिरे से नकार दिया है और इन्हें कंपनी की छवि खराब करने वाला बताया है। वहीं, मोहम्मद जमशेद द्वारा लगाए गए आरोपों के कारण यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले समय में यदि कोई अतिरिक्त जांच या जानकारी सामने आती है, तो मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।





