
मलप्पुरम: इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के भीतर अपने साथ हो रहे बर्ताव से काफी निराश है। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस उसे लगातार किनारे कर रही है और उसके राष्ट्रीय नेताओं को अहम कार्यक्रमों और समितियों में उचित जगह नहीं दे रही है। लीग के नेताओं का मानना है कि इन सबके पीछे AICC महासचिव के.सी. वेणुगोपाल का हाथ है। अब पार्टी कांग्रेस आलाकमान के सामने अपनी नाराजगी जताने की तैयारी कर रही है।
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञान कुमार के खिलाफ गठबंधन के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई कुछ घटनाओं से पार्टी में काफी नाराजगी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पहला बड़ा झटका तब लगा जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को CEC के खिलाफ शिकायत सौंपने जाने वाले प्रतिनिधिमंडल से IUML सांसद ई.टी. मोहम्मद बशीर को आखिरी मौके पर हटा दिया गया।
पार्टी का मानना है कि रविवार को रामलीला मैदान में हुई 'दिल्ली चलो' रैली में उसके राष्ट्रीय महासचिव पी.के. कुन्हालीकुट्टी को बोलने का मौका न देना, एक 'बहुत बड़ा अपमान' है। खासकर तब, जब CPM महासचिव एम.ए. बेबी को वहां बोलने का मौका दिया गया। इसके अलावा, 'इंडिया' गठबंधन की छात्र-युवा समन्वय समिति से 'मुस्लिम यूथ लीग' और 'मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन' (MSF) को बाहर रखने से लीग को और भी ज्यादा उपेक्षित महसूस हो रहा है।





