
बेंगलुरु : राज्य में गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवनयापन करने वाले परिवारों और लंबे समय से BPL कार्ड का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने BPL कार्ड की पात्रता तय करने वाली सालाना आय सीमा में बड़ा बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के.एच. मुनियप्पा ने बताया कि सरकार BPL कार्ड के लिए निर्धारित वार्षिक आय सीमा को 1.20 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये करने की प्रक्रिया में जुटी है।
मंत्री ने कहा कि यह बदलाव प्रशासनिक सुधार आयोग की सिफारिशों के आधार पर किया जा रहा है। इसके लागू होने के बाद बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को लाभ मिल सकता है, जो मौजूदा आय सीमा के कारण BPL कार्ड की पात्रता से बाहर हो रहे थे।
प्रशासनिक सुधार आयोग की सिफारिश पर शुरू हुई प्रक्रिया
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के.एच. मुनियप्पा ने राज्य गारंटी योजना कार्यान्वयन प्राधिकरण के अध्यक्ष एच.एम. रेवन्ना के साथ समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सुधार आयोग ने BPL कार्ड के लिए आय सीमा में बदलाव की सिफारिश की थी।
मंत्री के अनुसार, वर्तमान में BPL कार्ड प्राप्त करने के लिए परिवार की सालाना आय सीमा 1.20 लाख रुपये निर्धारित है। बढ़ती महंगाई और लोगों की आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए इस सीमा को बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही थी। सरकार अब इस सिफारिश को लागू करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर रही है।
उन्होंने कहा कि आय सीमा बढ़ने से अधिक परिवार सरकारी खाद्य योजनाओं और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के दायरे में आ सकेंगे।
लाखों परिवारों को मिल सकती है राहत
राज्य में बड़ी संख्या में परिवार ऐसे हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद मौजूदा नियमों के कारण BPL श्रेणी में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। आय सीमा बढ़ने के बाद ऐसे परिवारों को BPL कार्ड मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
BPL कार्ड केवल सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसके जरिए कई अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलता है। राशन, स्वास्थ्य सुविधाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और विभिन्न सरकारी सहायता कार्यक्रमों तक पहुंच आसान हो जाती है।
सरकार का मानना है कि पात्रता सीमा में बदलाव से वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी।
'इंदिरा किट' योजना पर भी तेजी से काम
मंत्री के.एच. मुनियप्पा ने समीक्षा बैठक के दौरान राज्य सरकार की 6,000 करोड़ रुपये की 'इंदिरा किट' परियोजना के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
सरकार की योजना अगले दो महीनों के भीतर इंदिरा किट का वितरण शुरू करने की है। इस परियोजना के तहत पात्र परिवारों को आवश्यक वस्तुओं की किट उपलब्ध कराने की योजना है।
मंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे और वितरण प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।
खाद्य सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने की पहल
राज्य सरकार लगातार खाद्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। BPL कार्ड की आय सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में महंगाई और जीवन-यापन की लागत बढ़ी है। ऐसे में पुराने आय मानकों के कारण कई जरूरतमंद परिवार सरकारी सहायता योजनाओं से बाहर हो सकते हैं। आय सीमा में संशोधन से पात्र लाभार्थियों की संख्या बढ़ सकती है।
हालांकि, नई आय सीमा लागू होने के बाद लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे और अपात्र लोगों को इसका लाभ न मिले।
जल्द जारी हो सकते हैं नए दिशा-निर्देश
मंत्री के बयान के बाद अब लोगों की नजर सरकार के अंतिम फैसले और नए दिशा-निर्देशों पर है। आय सीमा में बदलाव लागू होने के बाद BPL कार्ड के लिए आवेदन करने वाले परिवारों की संख्या बढ़ सकती है।
सरकार की ओर से प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी किए जाने की संभावना है। इसके बाद पात्र परिवार नए मानदंडों के आधार पर BPL कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे।
कुल मिलाकर, BPL कार्ड की आय सीमा बढ़ाने का फैसला राज्य के कमजोर और मध्यम आय वर्ग के कई परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। वहीं, इंदिरा किट योजना के शुरू होने से भी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को नया विस्तार मिलने की उम्मीद है।





