
कर्नाटक : स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी यानी केएसओयू ने विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए परीक्षा शुल्क जमा करने से संबंधित महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। विश्वविद्यालय ने पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर परीक्षा शुल्क जमा करने का निर्देश दिया है। विद्यार्थी 18 सितंबर तक बिना किसी विलंब शुल्क के परीक्षा शुल्क जमा कर सकते हैं। इसके बाद शुल्क जमा करने वाले विद्यार्थियों को 200 रुपये का अतिरिक्त विलंब शुल्क देना होगा।
विश्वविद्यालय की अधिसूचना के अनुसार नॉन-सीबीसीएस पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र 2021-22 से 2025-26 तक जुलाई प्रवेश अवधि के दौरान दाखिला लेने वाले विद्यार्थी परीक्षा शुल्क जमा कर सकते हैं। इसी तरह सीबीसीएस प्रणाली के अंतर्गत आने वाले डिग्री और पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को भी शुल्क जमा करने का अवसर दिया गया है।
सीबीसीएस डिग्री और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए यह सूचना शैक्षणिक वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान जुलाई अथवा जनवरी प्रवेश अवधि में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों पर लागू होगी। ऐसे सभी पात्र विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय द्वारा तय समय सीमा का ध्यान रखते हुए परीक्षा शुल्क जमा करना होगा। निर्धारित अंतिम तारीख निकलने के बाद विद्यार्थियों को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
केएसओयू द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार बिना किसी जुर्माने के परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 18 सितंबर निर्धारित की गई है। जो विद्यार्थी इस तारीख तक शुल्क नहीं जमा कर पाएंगे उन्हें एक और अवसर मिलेगा। वे 200 रुपये के विलंब शुल्क के साथ 25 सितंबर तक परीक्षा शुल्क जमा कर सकेंगे। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे आखिरी दिन का इंतजार किए बिना समय रहते प्रक्रिया पूरी कर लें।
एक साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों द्वारा शुल्क जमा किए जाने की स्थिति में तकनीकी या दूसरी समस्याएं सामने आ सकती हैं। अंतिम दिन ऑनलाइन पोर्टल पर दबाव बढ़ने या भुगतान अटकने जैसी परेशानी की आशंका रहती है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए विद्यार्थियों को जल्द परीक्षा शुल्क जमा करना उचित होगा। समय पर भुगतान करने से उन्हें 200 रुपये के अतिरिक्त विलंब शुल्क से भी बचने का अवसर मिलेगा।
विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क जमा करने से पहले अपने प्रवेश वर्ष और पाठ्यक्रम की व्यवस्था की सही जानकारी जांचनी चाहिए। उन्हें यह स्पष्ट कर लेना चाहिए कि उनका पाठ्यक्रम नॉन-सीबीसीएस के अंतर्गत है या सीबीसीएस प्रणाली के तहत संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही जुलाई या जनवरी में हुए अपने प्रवेश की अवधि और शैक्षणिक सत्र की जानकारी भी सही तरीके से देखनी होगी।
यदि किसी विद्यार्थी को अपने पाठ्यक्रम की श्रेणी या प्रवेश अवधि को लेकर भ्रम है तो उसे विश्वविद्यालय के संबंधित विभाग या अधिकृत अध्ययन केंद्र से जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। गलत पाठ्यक्रम या गलत विवरण के आधार पर आवेदन करने से परीक्षा प्रक्रिया में परेशानी हो सकती है। विद्यार्थियों को केवल विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचना और अधिकृत माध्यमों से उपलब्ध जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी जाती है।
शुल्क जमा करते समय विद्यार्थियों को अपने नामांकन संख्या सहित मांगी गई सभी जानकारियां सावधानीपूर्वक दर्ज करनी चाहिए। नाम, पाठ्यक्रम, विषय और शैक्षणिक वर्ष की जानकारी में गलती होने पर आवेदन स्वीकार होने या प्रवेश पत्र जारी होने के समय समस्या आ सकती है। भुगतान करने से पहले स्क्रीन पर दिखाई देने वाले विवरण को दोबारा जांचना जरूरी है।
परीक्षा शुल्क का भुगतान सफल होने के बाद विद्यार्थियों को उसकी रसीद या भुगतान की पुष्टि से संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखना चाहिए। ऑनलाइन भुगतान करने वाले विद्यार्थी रसीद डाउनलोड करके उसका प्रिंट और डिजिटल प्रति अपने पास रख सकते हैं। यदि भुगतान के बाद खाते से राशि कट जाए लेकिन पोर्टल पर स्थिति अपडेट न हो तो विद्यार्थी भुगतान का दोबारा प्रयास करने से पहले संबंधित सहायता केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
अधिसूचना में शामिल अवधि काफी विस्तृत है। इसमें वर्ष 2021-22 से लेकर 2025-26 तक के कई शैक्षणिक सत्रों के विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क जमा करने का अवसर दिया गया है। इसलिए पुराने सत्रों के ऐसे विद्यार्थी जो किसी कारण से परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे या जिनकी कुछ परीक्षाएं शेष हैं उन्हें अपनी पात्रता की जानकारी अवश्य देखनी चाहिए।
ओपन यूनिवर्सिटी में अध्ययन करने वाले कई विद्यार्थी नौकरी और अन्य जिम्मेदारियों के साथ अपनी पढ़ाई पूरी करते हैं। ऐसे में महत्वपूर्ण तारीख की जानकारी समय पर नहीं मिलने से वे परीक्षा से वंचित हो सकते हैं। विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की वेबसाइट और आधिकारिक सूचनाओं की नियमित जांच करते रहने की जरूरत है। उन्हें परीक्षा शुल्क की तारीख के साथ आगे जारी होने वाले प्रवेश पत्र और परीक्षा कार्यक्रम पर भी नजर रखनी चाहिए।
विश्वविद्यालय की इस अधिसूचना से सीबीसीएस और नॉन-सीबीसीएस दोनों श्रेणियों के बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। पात्र छात्र 18 सितंबर तक सामान्य परीक्षा शुल्क के साथ प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इस समय सीमा से चूकने वाले विद्यार्थियों को 200 रुपये की पेनल्टी के साथ 25 सितंबर तक अंतिम अवसर मिलेगा।
विद्यार्थियों के लिए यह जरूरी है कि वे निर्धारित अंतिम तारीख का गंभीरता से पालन करें। समय सीमा समाप्त होने के बाद शुल्क जमा करने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा या नहीं इस संबंध में अभी कोई अन्य जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए सभी पात्र विद्यार्थियों को दस्तावेज और पाठ्यक्रम संबंधी विवरण जांचकर जल्द परीक्षा शुल्क जमा कर देना चाहिए।





