कर्नाटक

“मैं भगवान में विश्वास नहीं करता, लेकिन दूसरों की आस्था का सम्मान करता हूँ” : Prakash Raj

Kavita2
18 Jun 2026 10:28 AM IST
“मैं भगवान में विश्वास नहीं करता, लेकिन दूसरों की आस्था का सम्मान करता हूँ” : Prakash Raj
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Karnataka कर्नाटक: मल्टी-लैंग्वेज फिल्मों में काम करने वाले अभिनेता प्रकाश राज ने एक बार फिर अपने विचारों को लेकर चर्चा बटोरी है। हाल ही में धर्मस्थल बुरुडे मामले में चिन्नैया का नाम सामने आने के बाद उनका नाम सुर्खियों में आया था। इसी मुद्दे और अपने विचारों को स्पष्ट करने के लिए उन्होंने बुधवार को बेंगलुरु के प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान धार्मिक आस्था और भगवान में विश्वास को लेकर सवाल उठे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रकाश राज ने अपने व्यक्तिगत विचार स्पष्ट रूप से रखे। उन्होंने कहा कि वे भगवान में विश्वास नहीं करते, लेकिन दूसरों की आस्था का सम्मान करते हैं। उनके अनुसार आस्था एक व्यक्तिगत विषय है और हर व्यक्ति को अपनी मान्यताओं के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है।

प्रकाश राज ने बातचीत में अपने पारिवारिक जीवन का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी भगवान में गहरी आस्था रखती हैं, जबकि वे स्वयं आस्तिक नहीं हैं। इसके बावजूद वे कई बार पत्नी के साथ मंदिर जाते हैं। उन्होंने बताया कि जब उनकी पत्नी होम-हवन या धार्मिक अनुष्ठानों के लिए कहती हैं, तो वे उनके साथ जाते हैं, क्योंकि यह उनकी पत्नी की आस्था का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि वे किसी की आस्था का विरोध नहीं करते और हर किसी को अपने विश्वास के अनुसार कार्य करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। प्रकाश राज ने यह भी कहा कि उनके कई दोस्त धार्मिक अनुष्ठानों जैसे होम-हवन पर बड़ी राशि खर्च करते हैं, जिससे उन्हें मानसिक शांति मिलती है।

अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए उन्होंने अपनी व्यक्तिगत प्राथमिकताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जहां कुछ लोग धार्मिक कार्यों में बड़ी धनराशि खर्च करते हैं, वहीं वे उसी पैसे को थिएटर और उन लोगों की मदद के लिए दान करते हैं जो फीस भरने में संघर्ष करते हैं। उनके अनुसार इससे उन्हें मानसिक संतोष मिलता है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रकाश राज ने यह भी दोहराया कि आस्था और नास्तिकता दोनों ही व्यक्तिगत चुनाव हैं और किसी पर अपनी सोच थोपना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज में विविधता का सम्मान होना चाहिए और हर व्यक्ति को अपने तरीके से जीवन जीने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।

उनके इस बयान के बाद एक बार फिर धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत विचारों पर बहस तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर भी उनके बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग उनसे असहमति जता रहे हैं।

फिलहाल प्रकाश राज का यह बयान एक बार फिर उनके स्पष्ट और बेबाक विचारों को सामने लाता है, जिसमें वे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और आस्था के सम्मान पर जोर देते नजर आते हैं।

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