कर्नाटक

बेंगलुरु ट्रैफिक सुधार के लिए हैदराबाद मॉडल लागू होगा

Kavita2
7 Aug 2026 4:55 PM IST
बेंगलुरु ट्रैफिक सुधार के लिए हैदराबाद मॉडल लागू होगा
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बेंगलुरु। देश के प्रमुख महानगरों में शामिल बेंगलुरु में बढ़ती ट्रैफिक समस्या से निपटने के लिए शहर की ट्रैफिक पुलिस ने नई रणनीति तैयार की है। लगातार बढ़ते जाम, सड़कों पर वाहनों के दबाव और धीमी यातायात व्यवस्था को देखते हुए पुलिस विभाग अब हैदराबाद मॉडल के आधार पर पांच महत्वपूर्ण उपाय लागू करने की तैयारी कर रहा है।

बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि इन उपायों के लागू होने से शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव कम किया जा सकेगा और यातायात व्यवस्था को अधिक सुचारू बनाया जा सकेगा। विभाग ने इसके लिए एक अध्ययन भी किया है, जिसमें हैदराबाद की ट्रैफिक व्यवस्था और वहां अपनाए गए उपायों का विश्लेषण किया गया।

कार-पूलिंग को बढ़ावा देने की योजना

ट्रैफिक पुलिस द्वारा सुझाए गए प्रमुख उपायों में कार-पूलिंग को मंजूरी देना शामिल है। इसके तहत एक ही दिशा में जाने वाले लोग एक वाहन का साझा इस्तेमाल कर सकेंगे।

अधिकारियों का मानना है कि इससे सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या कम होगी और ट्रैफिक दबाव घटेगा। बेंगलुरु जैसे शहर में जहां रोजाना लाखों लोग काम और अन्य जरूरतों के लिए लंबी दूरी तय करते हैं, वहां कार-पूलिंग एक प्रभावी विकल्प साबित हो सकता है।

हालांकि, इसके लिए सुरक्षा और निगरानी से जुड़े नियम भी तय किए जाएंगे, ताकि व्यवस्था का दुरुपयोग न हो।

दिन में प्राइवेट बसों पर रोक का प्रस्ताव

ट्रैफिक पुलिस ने दिन के समय ‘ऑल इंडिया परमिट’ वाली सभी निजी बसों के शहर में संचालन पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है।

अधिकारियों का कहना है कि बड़ी बसों के कारण कई प्रमुख मार्गों पर यातायात धीमा हो जाता है। खासकर व्यस्त समय में इन वाहनों की संख्या बढ़ने से जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है।

प्रस्ताव के तहत इन बसों के संचालन के समय और मार्गों को नियंत्रित करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि शहर के भीतर यातायात सुचारू रह सके।

भारी वाहनों के लिए तय होगा समय

बेंगलुरु में भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी ट्रैफिक जाम का एक बड़ा कारण मानी जाती है। इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने भारी वाहनों के लिए निर्धारित समय तय करने की योजना बनाई है।

इसके तहत बड़े ट्रकों और मालवाहक वाहनों को केवल तय समय सीमा में ही शहर की सड़कों पर चलने की अनुमति देने पर विचार किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि इससे पीक आवर के दौरान सड़कों पर दबाव कम होगा और आम यात्रियों को राहत मिलेगी।

धीमी गति वाले वाहनों के लिए अलग व्यवस्था

ट्रैफिक पुलिस ने पांच प्रकार के वाहनों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित करने की योजना बनाई है। इसमें विशेष रूप से धीमी गति से चलने वाले वाहनों को ध्यान में रखा गया है।

धीमी गति वाले वाहन अक्सर तेज यातायात वाले मार्गों पर बाधा पैदा करते हैं, जिससे पीछे चल रहे वाहनों की गति प्रभावित होती है। समय आधारित संचालन व्यवस्था से इस समस्या को कम करने की कोशिश की जाएगी।

हैदराबाद मॉडल का अध्ययन

बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने पड़ोसी राज्य तेलंगाना के हैदराबाद शहर की यातायात व्यवस्था का अध्ययन किया है। अधिकारियों के अनुसार, हैदराबाद में अपनाए गए कुछ उपायों से ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार देखने को मिला है।

इसी अनुभव के आधार पर बेंगलुरु में भी कुछ समान उपाय लागू करने की तैयारी की जा रही है। विभाग का उद्देश्य शहर की मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार इन नियमों को लागू करना है।

बढ़ते ट्रैफिक दबाव से परेशान शहर

बेंगलुरु में आईटी सेक्टर के विस्तार और तेजी से बढ़ती आबादी के कारण वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शहर की कई प्रमुख सड़कों पर सुबह और शाम के समय भारी जाम आम समस्या बन चुका है।

लंबे ट्रैफिक जाम के कारण लोगों का समय बर्बाद होता है और ईंधन की खपत भी बढ़ती है। इसके अलावा प्रदूषण और सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।

सुझावों पर आगे होगी कार्रवाई

ट्रैफिक पुलिस द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावों पर अभी अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद ही इन्हें लागू किया जाएगा।

विभाग का लक्ष्य है कि यातायात नियमों में बदलाव करते समय आम लोगों की सुविधा और शहर की जरूरतों दोनों का ध्यान रखा जाए।

यदि प्रस्तावित उपाय लागू होते हैं, तो बेंगलुरु में ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। अब देखना होगा कि हैदराबाद मॉडल पर आधारित ये कदम शहर की जटिल यातायात समस्या को कितना प्रभावी ढंग से कम कर पाते हैं।

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