
कलबुर्गी। कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में पारिवारिक विवाद ने मंगलवार सुबह बेहद खौफनाक रूप ले लिया। अलांद तालुक के मटाकी टांडा में एक घर में हुए जबरदस्त विस्फोट से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के चरित्र पर शक के चलते उसके मायके स्थित घर को विस्फोटक से निशाना बनाया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
मृतकों की पहचान सेवालाल बलिराम राठौड़ (50) और उनकी बेटी मीरा सेवालाल राठौड़ (15) के रूप में हुई है। धमाके में चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना के पीछे पारिवारिक विवाद को प्रमुख वजह मानकर विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, सेवालाल राठौड़ पत्थर की खदान में काम करते थे। बताया जा रहा है कि उन्हें अपनी पत्नी सविता के व्यवहार को लेकर शक था। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। सोमवार को भी दोनों के बीच इसी मुद्दे को लेकर कहासुनी हुई थी। विवाद बढ़ने के बाद सविता परेशान होकर रात में अपने मायके चली गई थीं।
सविता का मायका मटाकी टांडा में ही पास के इलाके में बताया जा रहा है। परिवार को उम्मीद नहीं थी कि घरेलू विवाद इतनी गंभीर घटना में बदल जाएगा। आरोप है कि पत्नी के मायके चले जाने के बाद पति ने कथित तौर पर वहां पहुंचकर विस्फोट किया। धमाका इतना तेज था कि घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास के इलाके में भी अफरा-तफरी मच गई।
सुबह हुए धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े। वहां पहुंचने पर घर क्षतिग्रस्त हालत में मिला और मलबे के बीच लोग घायल अवस्था में पड़े थे। स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और घटना की जानकारी पुलिस तथा संबंधित अधिकारियों को दी। इसके बाद पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इलाके को सुरक्षित किया और मलबे में तलाशी अभियान चलाया। विस्फोट के कारण घर को भारी नुकसान हुआ है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि विस्फोट के लिए इस्तेमाल सामग्री वहां कैसे पहुंची और घटना को अंजाम देने वाले व्यक्ति की भूमिका क्या थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में पारिवारिक विवाद और पत्नी पर शक की बात सामने आई है। सोमवार को पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद सविता का मायके जाना घटनाक्रम की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इसके बाद क्या घटनाक्रम हुआ और धमाके से पहले आरोपी की गतिविधियां क्या थीं।
घटना में जान गंवाने वाले सेवालाल और उनकी 15 वर्षीय बेटी मीरा की मौत से परिवार में मातम छा गया है। एक ही परिवार के सदस्यों पर अचानक आई इस त्रासदी से परिजन सदमे में हैं। वहीं घायलों के परिवारों में भी चिंता का माहौल है। गंभीर रूप से घायल लोगों का अस्पताल में उपचार चल रहा है और उनकी हालत पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।
धमाके के बाद मटाकी टांडा में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। जांच में फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद भी ली जा सकती है, ताकि विस्फोट के कारण और घटनास्थल पर मौजूद सामग्री के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके।
यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि एक निजी पारिवारिक विवाद ने कई लोगों की जान को खतरे में डाल दिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पास विस्फोटक सामग्री कैसे पहुंची और क्या उसने घटना की पहले से योजना बनाई थी। जांच में आरोपी के संपर्कों और उसकी गतिविधियों को भी खंगाला जा सकता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, परिवार में पति-पत्नी के बीच विवाद पहले भी होते रहे थे। हालांकि सोमवार की बहस के बाद स्थिति इतनी भयावह हो जाएगी, इसका किसी को अंदाजा नहीं था। सविता के मायके जाने के बाद परिवार के लोग सामान्य तरीके से रात गुजारने की तैयारी में थे, लेकिन अगले दिन सुबह हुए धमाके ने पूरे इलाके को हिला दिया।
पुलिस अब घटना से जुड़े हर पहलू को जोड़ने की कोशिश कर रही है। मृतकों के शवों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं घायलों से संबंधित जानकारी भी जुटाई जा रही है, ताकि घटना के समय घर में मौजूद लोगों की स्थिति और घटनाक्रम स्पष्ट हो सके।
जांच अधिकारियों के सामने यह भी चुनौती है कि विस्फोट के पीछे केवल घरेलू विवाद था या इसके अलावा कोई अन्य कारण भी मौजूद था। फिलहाल पत्नी पर शक और पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद को घटना की पृष्ठभूमि से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
घटना ने इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। जिस घरेलू विवाद को बातचीत और कानूनी तरीके से सुलझाया जा सकता था, उसने कथित तौर पर हिंसक रूप ले लिया और दो लोगों की जान चली गई। चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है।
फिलहाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ प्रत्यक्षदर्शियों और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस आरोपी की भूमिका और विस्फोट के पीछे की पूरी परिस्थितियों को सामने लाने का प्रयास कर रही है।
मटाकी टांडा में हुआ यह धमाका एक पारिवारिक विवाद के भयावह परिणाम के रूप में सामने आया है। पत्नी पर शक को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि कथित तौर पर विस्फोटक का इस्तेमाल कर ससुराल के घर को निशाना बनाया गया। हादसे में 50 वर्षीय सेवालाल बलिराम राठौड़ और उनकी 15 वर्षीय बेटी मीरा की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं। अब इस मामले में पुलिस जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई होती है।





