
बेंगलुरु। कर्नाटक के कई हिस्सों में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात हल्की से भारी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ, वहीं चामराजनगर जिले के माले महादेश्वरा पहाड़ी क्षेत्र में कई जगह मिट्टी खिसकने की घटनाएं सामने आईं। इसके चलते तमिलनाडु की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई।
मंगलवार को हुई भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर माले महादेश्वरा पहाड़ी के आसपास देखने को मिला। पहाड़ी मार्ग पर कई स्थानों पर मिट्टी और मलबा सड़क पर आ गया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी और केवल हल्के वाहनों को नियंत्रित तरीके से गुजरने की अनुमति दी गई।
सड़क पर मलबा जमा होने के कारण कई वाहन चालकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। पहाड़ी रास्ते से तमिलनाडु की ओर जाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। संबंधित विभागों की टीमों ने सड़क से मिट्टी और पत्थर हटाने का काम शुरू किया ताकि यातायात जल्द सामान्य किया जा सके।
बारिश के कारण पहाड़ी इलाके में जमीन गीली और कमजोर हो गई है। ऐसे में मिट्टी खिसकने का खतरा लगातार बना हुआ है। अधिकारियों ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है और वाहन चालकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
माले महादेश्वरा पहाड़ी क्षेत्र कर्नाटक और तमिलनाडु को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में निजी वाहन, बसें और मालवाहक वाहन गुजरते हैं। भूस्खलन के कारण भारी वाहनों की आवाजाही रुकने से परिवहन व्यवस्था पर भी असर पड़ा है।
स्थानीय प्रशासन ने सड़क की स्थिति का निरीक्षण किया और जोखिम वाले हिस्सों की पहचान की। जिन स्थानों पर ज्यादा मिट्टी खिसकी है वहां मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। बारिश जारी रहने की स्थिति में सड़क को पूरी तरह से सुरक्षित घोषित करने में समय लग सकता है।
सोमवार रात से ही राज्य के कई हिस्सों में मौसम बदला हुआ था। कुछ जिलों में हल्की बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और ग्रामीण सड़कों पर कीचड़ की स्थिति भी बनी।
चामराजनगर के पहाड़ी इलाकों में बारिश का असर अधिक दिखाई दिया। कई जगह सड़क किनारे की मिट्टी ढीली होकर नीचे आ गई। इससे वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया। प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भारी वाहनों को रोकने का फैसला किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र में तेज बारिश के दौरान अक्सर इस तरह की स्थिति बनती है। ढलानों पर पानी जमा होने और मिट्टी के कमजोर होने से भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय में रात के दौरान वाहन चलाना भी जोखिम भरा हो सकता है।
प्रशासन की ओर से यातायात पुलिस और संबंधित विभाग के कर्मचारियों को मौके पर तैनात किया गया है। वाहनों को एक-एक कर सुरक्षित हिस्सों से निकाला जा रहा है। इसके साथ ही सड़क पर फिसलन को देखते हुए गति कम रखने के निर्देश दिए गए हैं।
भारी बारिश के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ों और टहनियों के गिरने की भी आशंका जताई गई है। इसलिए वन विभाग और स्थानीय निकाय की टीमें भी सतर्क हैं। किसी भी आपात स्थिति में सड़क को तुरंत बंद करने और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।
तमिलनाडु की ओर जाने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी लें। विशेष रूप से बड़े वाहनों के चालकों से वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करने को कहा गया है, क्योंकि फिलहाल कुछ हिस्सों में भारी वाहनों का गुजरना सुरक्षित नहीं माना जा रहा।
बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्र में दृश्यता भी कम हो सकती है। धुंध और लगातार बारिश की वजह से मोड़ वाले रास्तों पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में वाहन चालकों से हेडलाइट का इस्तेमाल करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।
सड़क से मलबा हटाने का काम बारिश के बीच चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। एक जगह सफाई के बाद दूसरी जगह मिट्टी खिसकने की संभावना बनी रहती है। इसलिए अधिकारी लगातार पहाड़ी ढलानों पर नजर रख रहे हैं।
कर्नाटक के अन्य हिस्सों में भी बारिश के बाद स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। निचले क्षेत्रों, नदी-नालों और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों से मौसम की स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है।
चामराजनगर में हुई भारी बारिश के बाद माले महादेश्वरा पहाड़ी मार्ग की स्थिति सामान्य होने में कुछ समय लग सकता है। प्रशासन का प्रयास है कि पहले सड़क को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाए और उसके बाद भारी वाहनों की आवाजाही बहाल की जाए।
फिलहाल हल्के वाहनों को सीमित रूप से चलने की अनुमति है। अधिकारी स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। यदि बारिश बढ़ती है या नए स्थानों पर मिट्टी खिसकती है तो यातायात पर और सख्ती की जा सकती है।
भारी बारिश और भूस्खलन की इन घटनाओं ने एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर मानसून और तेज बारिश के दौरान अतिरिक्त सावधानी की जरूरत को सामने रखा है। प्रशासन ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।





