
बेंगलुरु। कर्नाटक में बारिश की कमी का असर अब मौसम पर दिखाई देने लगा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के वैज्ञानिक सी.एस. पाटिल ने कहा है कि राज्य में आने वाले हफ्तों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि कई इलाकों में पारा सामान्य स्तर से करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर जा सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, राज्य में सक्रिय मौसम प्रणालियों की कमी और बारिश में आई गिरावट के कारण सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। साफ आसमान और कम बादलों की वजह से दिन के समय जमीन पर लंबे समय तक धूप पड़ रही है, जिससे सतह का तापमान लगातार बढ़ रहा है।
बारिश में कमी से बढ़ी गर्मी
IMD वैज्ञानिक सी.एस. पाटिल ने बताया कि पिछले एक-दो हफ्तों में राज्य में बारिश की मात्रा में काफी कमी दर्ज की गई है। इसका सीधा असर तापमान पर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि जब बारिश कम होती है तो मिट्टी में नमी की मात्रा घट जाती है। नमी कम होने के कारण जमीन तेजी से गर्म होती है और इसका प्रभाव आसपास के तापमान पर भी पड़ता है।
उन्होंने बताया कि सामान्य बारिश की स्थिति में मिट्टी और वातावरण में नमी बनी रहती है, जिससे तापमान नियंत्रित रहता है। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में जमीन ज्यादा गर्म हो रही है।
सक्रिय मौसम प्रणाली नहीं होने से सूखे हालात
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल राज्य में कोई बड़ा सक्रिय मौसम सिस्टम नहीं बन रहा है, जिसकी वजह से कई जिलों में सूखा मौसम बना हुआ है।
बादलों की कमी के कारण सूर्य की किरणें सीधे जमीन तक पहुंच रही हैं। इससे दिन के समय गर्मी बढ़ रही है और तापमान में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां सक्रिय नहीं होती हैं तो गर्मी का असर और बढ़ सकता है।
कई जिलों में बढ़ सकता है तापमान
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि कर्नाटक के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा सकता है।
विशेषकर वे इलाके जहां बारिश कम हुई है और मिट्टी में नमी की कमी है, वहां गर्मी का प्रभाव ज्यादा महसूस किया जा सकता है।
लोगों को दोपहर के समय अधिक गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को गर्मी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
किसानों के लिए बढ़ी चिंता
बारिश में कमी और तापमान बढ़ने से किसानों की चिंता भी बढ़ सकती है। कृषि क्षेत्र में मिट्टी की नमी फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है।
यदि लंबे समय तक बारिश नहीं होती और तापमान बढ़ता है तो फसलों पर इसका असर पड़ सकता है। किसानों को सिंचाई और जल प्रबंधन को लेकर अधिक सावधानी बरतनी पड़ सकती है।
जल संसाधनों पर भी पड़ सकता है असर
कम बारिश और बढ़ते तापमान का असर जल संसाधनों पर भी पड़ सकता है। जलाशयों, तालाबों और भूजल स्तर पर दबाव बढ़ने की संभावना रहती है।
कर्नाटक के कई हिस्से पहले से ही पानी की उपलब्धता को लेकर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में तापमान बढ़ने से पानी की मांग भी बढ़ सकती है।
मौसम विभाग की नजर स्थिति पर
IMD लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वैज्ञानिकों के अनुसार, मौसम में बदलाव किसी भी समय आ सकता है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में बारिश की कमी के कारण गर्मी बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग समय-समय पर तापमान और बारिश को लेकर अपडेट जारी करता रहेगा।
लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
तापमान बढ़ने की संभावना को देखते हुए लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों ने पर्याप्त पानी पीने, दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की है।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है गर्मी
मौसम वैज्ञानिक सी.एस. पाटिल के अनुसार, बारिश की कमी, साफ आसमान और मिट्टी में घटती नमी के कारण तापमान में बढ़ोतरी हो रही है।
यदि मौसम प्रणाली में बदलाव नहीं आता है तो आने वाले हफ्तों में कर्नाटक के कई हिस्सों में गर्मी सामान्य से ज्यादा महसूस की जा सकती है। फिलहाल मौसम विभाग की नजर बारिश की संभावित गतिविधियों और तापमान में होने वाले बदलावों पर बनी हुई है।





