कर्नाटक

आधी रात अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर, बाहर की दवा लिखने पर स्टाफ को लगाई फटकार

Kavita2
6 Oct 2026 11:44 AM IST
आधी रात अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर, बाहर की दवा लिखने पर स्टाफ को लगाई फटकार
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कर्नाटक : स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने चन्नापटना के सार्वजनिक अस्पताल का देर रात अचानक निरीक्षण किया। मंत्री आधी रात के आसपास अस्पताल पहुंचे और वहां मौजूद व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के जनरल वार्ड, आईसीयू और शौचालयों का निरीक्षण किया। साथ ही ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति भी जांची।

जानकारी के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर देर रात एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चन्नापटना पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान ही उन्होंने अचानक सार्वजनिक अस्पताल का निरीक्षण करने का फैसला किया। बिना पूर्व सूचना के अस्पताल पहुंचने से वहां मौजूद स्टाफ के बीच हलचल मच गई।

मंत्री ने अस्पताल परिसर में पहुंचकर सबसे पहले विभिन्न वार्डों का दौरा किया। उन्होंने जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों की स्थिति देखी और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इसके बाद वह आईसीयू पहुंचे, जहां गंभीर मरीजों के इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने डॉक्टरों से मरीजों की स्थिति और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं के बारे में जानकारी हासिल की।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के शौचालयों की स्थिति भी देखी। सरकारी अस्पतालों में साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अक्सर शिकायतें सामने आती रहती हैं। इसे देखते हुए उन्होंने स्वच्छता और नियमित देखरेख पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

मंत्री ने अस्पताल में तैनात स्टाफ की उपस्थिति भी जांची। देर रात होने के बावजूद उन्होंने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि आपातकालीन सेवाओं के लिए आवश्यक डॉक्टर और कर्मचारी अस्पताल में मौजूद हैं या नहीं। उन्होंने अधिकारियों से ड्यूटी रोस्टर और चिकित्सा व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर मुद्दा तब सामने आया, जब मंत्री को अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के बावजूद मरीजों को बाहर की दवा लिखे जाने की जानकारी मिली। इस पर यूटी खादर ने नाराजगी जताई और संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाई।

मंत्री ने सवाल उठाया कि जब अस्पताल में जरूरी दवाएं और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, तो मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए क्यों कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में आने वाले लोगों को इलाज के लिए अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं उठाना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल में उपलब्ध दवाएं मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर दी जाएं और बाहर से दवा खरीदने के लिए तभी कहा जाए, जब कोई जरूरी दवा वास्तव में अस्पताल में उपलब्ध न हो। उन्होंने डॉक्टरों और स्टाफ से मरीजों की सुविधा को सबसे ऊपर रखने की बात कही।

इसके अलावा मंत्री ने बाहर का खाना लिखने या मरीजों को अस्पताल के बाहर से सुविधाएं लेने के लिए कहने के मामले पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब अस्पताल में आवश्यक सुविधाएं मौजूद हैं, तो मरीजों और उनके परिजनों को बाहर भेजना उचित नहीं है।

यूटी खादर ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि इलाज के लिए आने वाले लोगों को किसी भी तरह की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर उचित उपचार मिले और उन्हें दवा, जांच या अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े।

स्वास्थ्य मंत्री का यह अचानक निरीक्षण अस्पताल प्रशासन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिना पूर्व सूचना के किए गए निरीक्षण के दौरान अस्पताल की वास्तविक स्थिति सामने आती है और व्यवस्थाओं में मौजूद कमियों का पता चलता है।

मंत्री ने डॉक्टरों से मरीजों की संख्या, उपलब्ध बेड, दवाओं की स्थिति और आपातकालीन सेवाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि रात के समय आने वाले मरीजों को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

सरकारी अस्पतालों पर बड़ी संख्या में गरीब और मध्यम वर्ग के लोग निर्भर रहते हैं। ऐसे में यदि मरीजों को बाहर से दवा या अन्य सुविधाएं लेने के लिए मजबूर किया जाता है, तो उनके ऊपर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ता है। स्वास्थ्य मंत्री ने इसी बात को गंभीरता से लेते हुए स्टाफ को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।

देर रात हुए इस निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन को व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए।

अस्पताल के जनरल वार्ड, आईसीयू और शौचालयों के निरीक्षण के साथ-साथ कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच से यह भी संकेत मिला कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर निगरानी बढ़ा रही है।

फिलहाल स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर के इस औचक निरीक्षण की चर्चा हो रही है। बाहर की दवा लिखने के मामले पर उनकी नाराजगी और स्टाफ को दी गई चेतावनी के बाद उम्मीद की जा रही है कि चन्नापटना सार्वजनिक अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध सरकारी सुविधाओं का बेहतर लाभ मिल सकेगा।

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