
Karnataka कर्नाटक : जेडीएस के एम.टी. कृष्णप्पा ने सुझाव दिया, 'गारंटी योजनाओं की तरह पुरुषों को प्रति सप्ताह दो बोतल शराब मुफ्त बांटने की नई योजना लागू करें। सहकारी समितियों के माध्यम से मुफ्त शराब वितरण की व्यवस्था करें।' उन्होंने कहा, 'कामकाजी लोग शराब पीते हैं। इसे टाला नहीं जा सकता। पुरुषों को मुफ्त शराब बांटने की योजना लागू करें।' उन्होंने मंगलवार को बजट बहस में भाग लेते हुए यह बात कही। सदन में विपक्ष के उपनेता अरविंद बेलाडा ने कहा कि राज्य सरकार की अर्थव्यवस्था शराब की बिक्री पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि 40,000 करोड़ रुपये उत्पाद शुल्क वसूलने के लिए लोगों को लाखों करोड़ रुपये की शराब पिलाना सही नहीं है। 'उत्पाद कर के 18 स्तर हैं। इनमें से सबसे कम कीमत वाली शराब गरीबों द्वारा पी जाती है, जो सबसे ज्यादा बिक रही है। क्या अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के गरीबों को ज्यादा शराब पीकर कर राजस्व बढ़ाना चाहिए?'





