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Chikmagalur चिकमगलूर। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को इस बात पर जोर दिया कि सरकार की कल्याणकारी योजनाएं अपने आप में विकास का ही एक रूप हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन योजनाओं पर खर्च के बावजूद राज्य की वित्तीय स्थिति केंद्र की तुलना में बेहतर बनी हुई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भद्रा जलाशय के बैकवाटर पर बने एक पुल के उद्घाटन के बाद ये बातें कही। यह पुल चिक्कमगलुरु जिले में हंडुरु गांव को नरसिम्हाराजपुरा से जोड़ता है। इसके अलावा, उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों की शुरुआत की और उनकी आधारशिला रखी, साथ ही लाभार्थियों को लाभ भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिन 36 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, जिसमें यह नया बना पुल भी शामिल है। विपक्ष की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि वे आरोप लगा रहा है कि विकास कार्यों के लिए कोई फंड नहीं है और गारंटी योजनाओं के कारण राज्य का खजाना खाली हो गया है। उन्होंने कहा, "गारंटी योजनाओं को लागू करने के बावजूद, हमारी सरकार ने सफलतापूर्वक विकास सुनिश्चित किया है।
संवैधानिक आदर्शों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि एक समतामूलक समाज का निर्माण करना ही संविधान का विजन है। बीआर अंबेडकर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने इस बात पर जोर दिया था कि राजनीतिक आजादी तभी सफल हो सकती है, जब उसके साथ-साथ आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक आजादी भी हो। उन्होंने आगे कहा कि विपक्षी पार्टियों को इस सिद्धांत को समझना चाहिए। क्षेत्रीय विकास पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि नरसिम्हाराजपुरा का नाम मैसूर के पूर्व शासक, नरसिम्हाराजा वाडियार के नाम पर रखा गया था। उन्होंने कहा कि हाल ही में जिस पुल का उद्घाटन किया गया है, उसे स्थानीय विधायक के लगातार प्रयासों के बाद बनाया गया है। साथ ही, उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार सड़क चौड़ीकरण, बैराज-सह-पुल के निर्माण और पर्यटन को बढ़ावा देने जैसी अन्य मांगों को भी पूरा करेगी।
केंद्र सरकार पर राज्य की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि भले ही 2023-24 के केंद्रीय बजट में भद्रा ऊपरी नहर परियोजना के लिए 5,300 करोड़ रुपए की घोषणा की गई थी, लेकिन अभी तक ये फंड जारी नहीं किए गए हैं, जो कि राज्य की जनता के साथ एक तरह का अन्याय है। उन्होंने आगे दावा किया कि जहां एक तरफ भाजपा कर्नाटक में कांग्रेस की गारंटी योजनाओं की आलोचना करती है। वहीं, दूसरी ओर वह अन्य राज्यों में भी वैसी ही पहलें दोहरा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अब तक गारंटी योजनाओं पर 1.30 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं। सीएम ने इस बात को दोहराया कि कर्नाटक की वित्तीय स्थिति केंद्र की तुलना में अधिक मजबूत है।
उन्होंने कहा कि जहां राष्ट्रीय डीजीपी विकास दर 7.14 प्रतिशत है। वहीं, कर्नाटक की विकास दर 8.1 प्रतिशत है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि पीएम मोदी के कार्यकाल के दौरान देश का कुल कर्ज 53.11 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 218 लाख करोड़ रुपए हो गया है। सीएम ने इस बात पर जोर दिया कि कर्नाटक की आर्थिक वृद्धि केंद्र की तुलना में कहीं अधिक रही है और राज्य अभी भी राजकोषीय उत्तरदायित्व के मानदंडों का पालन कर रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र की आलोचना का जवाब देते हुए, जिन्होंने राज्य के वित्त पर एक श्वेत पत्र जारी करने की मांग की थी, सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि ऐसे बयान बजट को बिना समझे दिए गए थे और उनका उद्देश्य केवल प्रचार पाना था। उन्होंने केंद्र सरकार पर 15वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित धनराशि जारी न करने का भी आरोप लगाया, जिससे राज्य को नुकसान उठाना पड़ा है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जहां एक ओर प्रधानमंत्री अपने वादे पूरे करने में विफल रहे हैं। दूसरी ओर, कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा किया है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे भाजपा के उस प्रचार से गुमराह न हों, जिसे उन्होंने 'भाजपा का दुष्प्रचार' करार दिया।
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