कर्नाटक

कर्नाटक में HIV आंकड़ों पर सरकार का स्पष्टीकरण

Kavita2
2 Aug 2026 10:48 AM IST
कर्नाटक में HIV आंकड़ों पर सरकार का स्पष्टीकरण
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बेंगलुरु। कर्नाटक में कॉलेज छात्रों के बीच HIV संक्रमण के हजारों मामलों की खबर सामने आने के बाद उठे विवाद पर अब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि राज्य में HIV संक्रमण को लेकर सामने आए कुछ आंकड़े सही नहीं हैं और इस मामले में भ्रम फैलाया गया है। मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित संस्थाओं को पत्र लिखने की तैयारी कर रहा है।

हाल ही में राज्य में लगभग 7 हजार कॉलेज छात्रों के HIV संक्रमित होने की खबर ने काफी चर्चा पैदा कर दी थी। इसके साथ ही ऐसी खबरें भी सामने आई थीं कि सरकार ने कॉलेजों में HIV जांच अनिवार्य कर दी है। इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कॉलेज छात्रों के लिए इस तरह की कोई अनिवार्य जांच व्यवस्था लागू नहीं की गई है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में यू.टी. खादर ने कहा कि वह राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की ओर से दिए गए HIV मामलों के आंकड़ों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि NAAC की ओर से राज्य में HIV संक्रमित लोगों की संख्या करीब 56 हजार बताई गई थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में अलग आंकड़े हैं।

मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वर्ष 2004 से अब तक कर्नाटक में 39,028 लोग HIV संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन मामलों में बड़ी संख्या में 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के लोग शामिल हैं, जिनका इलाज और निगरानी स्वास्थ्य विभाग की ओर से की जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में HIV जांच केवल निर्धारित परिस्थितियों में की जाती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में HIV टेस्ट मुख्य रूप से दो प्रमुख स्थितियों में किया जा रहा है। इनमें पहला है गर्भावस्था के दौरान जांच और दूसरा है रक्तदान के समय जांच। उन्होंने कहा कि सामान्य रूप से कॉलेजों में सभी छात्रों के लिए HIV टेस्ट अनिवार्य नहीं किया गया है।

मंत्री ने कहा कि राज्य में HIV संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है और स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बिना पुष्टि वाली खबरों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें।

उन्होंने पिछले तीन महीनों के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि इस अवधि में 5,53,453 लोगों की जांच की गई, जिनमें से 3,091 लोग HIV संक्रमित पाए गए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इन मामलों की पहचान कर संक्रमित लोगों को जरूरी चिकित्सा सहायता और उपचार उपलब्ध करा रहा है।

इसके अलावा, स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पिछले तीन महीनों में 2,81,742 गर्भवती महिलाओं का HIV टेस्ट किया गया है। गर्भवती महिलाओं की जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि यदि कोई महिला HIV संक्रमित है तो समय रहते उपचार शुरू किया जा सके और संक्रमण को बच्चे तक पहुंचने से रोका जा सके।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि HIV नियंत्रण के लिए जागरूकता, समय पर जांच और उपचार बेहद जरूरी है। संक्रमित लोगों को नियमित इलाज मिलने से वे सामान्य जीवन जी सकते हैं। सरकार की ओर से HIV संक्रमण को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं।

मंत्री ने कहा कि HIV को लेकर समाज में अभी भी कई तरह की गलत धारणाएं मौजूद हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि संक्रमित व्यक्तियों के प्रति भेदभाव न करें और उन्हें उपचार तथा सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने में मदद करें।

NAAC के आंकड़ों और स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में अंतर को लेकर मंत्री ने कहा कि सरकार इस विषय पर जल्द ही स्थिति स्पष्ट करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था द्वारा जारी किए गए आंकड़ों की पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड से करना जरूरी है, ताकि लोगों के बीच अनावश्यक डर न फैले।

कर्नाटक सरकार का कहना है कि राज्य में HIV नियंत्रण कार्यक्रम लगातार चल रहा है और संक्रमित लोगों की पहचान कर उन्हें उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर संक्रमण की स्थिति की समीक्षा करता है और जरूरत के अनुसार कदम उठाता है।

फिलहाल, HIV मामलों को लेकर उठे विवाद के बीच स्वास्थ्य मंत्री के बयान से सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि राज्य में स्थिति नियंत्रण में है। सरकार का कहना है कि HIV जांच और उपचार की प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार चल रही है और कॉलेज छात्रों के अनिवार्य परीक्षण जैसी कोई नीति लागू नहीं की गई है।

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