कर्नाटक

सूखे पर सरकार घिरी, अशोक का सीएम पर हमला

Kavita2
30 July 2026 10:50 AM IST
सूखे पर सरकार घिरी, अशोक का सीएम पर हमला
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चित्रदुर्ग। कर्नाटक में सूखे और फसल नुकसान के मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बुधवार को विधानसभा में विपक्ष के नेता (LoP) आर. अशोक ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य के किसान सूखे की मार झेल रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री उनकी समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय दिल्ली में पार्टी से जुड़े कामों में व्यस्त हैं।

आर. अशोक फसल नुकसान का जायजा लेने के लिए चित्रदुर्ग जिले के हिरियूर तालुक के सूरगोंडनहल्ली पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने किसानों से मुलाकात की और क्षेत्र में बारिश की कमी तथा फसलों की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में कम बारिश के कारण किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं और सरकार को तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।

विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पिछले कुछ दिनों में कई बार नई दिल्ली का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जब राज्य के किसान संकट में हैं और ग्रामीण इलाकों में सूखे के हालात गंभीर होते जा रहे हैं, तब सरकार को किसानों के मुद्दों पर प्राथमिकता से काम करना चाहिए।

आर. अशोक ने कहा कि कम बारिश और फसल नुकसान ने कर्नाटक के लोगों को कठिन परिस्थितियों में पहुंचा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में बुवाई का क्षेत्र प्रभावित हुआ है और कई इलाकों में कृषि गतिविधियां धीमी पड़ गई हैं। उनके अनुसार, सूखे की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है, लेकिन सरकार की ओर से पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

उन्होंने राज्य सरकार के मंत्रियों पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वे किसानों की समस्याओं को सुनने और समाधान निकालने के बजाय अन्य गतिविधियों में व्यस्त हैं। अशोक ने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए और प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी सहायता पहुंचाई जानी चाहिए।

बीजेपी नेता ने कहा कि चित्रदुर्ग समेत कर्नाटक के कई जिलों में किसान बारिश की कमी के कारण परेशान हैं। खेती पर निर्भर परिवारों के सामने आर्थिक चुनौतियां बढ़ रही हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार फसल नुकसान का सही आकलन कर किसानों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराए।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को जमीनी स्तर पर सक्रिय होना चाहिए। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझना चाहिए और राहत योजनाओं को तेजी से लागू करना चाहिए।

वहीं, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और राज्य सरकार की ओर से विपक्ष के इन आरोपों पर तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, सरकार पहले भी कहती रही है कि वह किसानों के हितों को लेकर गंभीर है और सूखे तथा बारिश की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

कर्नाटक में मानसून की स्थिति हर साल कृषि के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहती है। राज्य के कई हिस्सों में खेती बारिश पर निर्भर है। ऐसे में कम बारिश होने पर किसानों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ता है। फसल उत्पादन प्रभावित होने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ता है।

किसान संगठनों की ओर से भी समय-समय पर मांग की जाती रही है कि सूखे की स्थिति में सरकार राहत उपायों को तेज करे। इनमें फसल नुकसान का सर्वेक्षण, मुआवजा वितरण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और किसानों को आर्थिक सहायता देना शामिल है।

चित्रदुर्ग क्षेत्र में फसल नुकसान का जायजा लेने पहुंचे आर. अशोक ने कहा कि विपक्ष किसानों के मुद्दों को मजबूती से उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक गतिविधियों से ऊपर उठकर किसानों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

सूखे और फसल नुकसान का मुद्दा आने वाले दिनों में कर्नाटक की राजनीति में और जोर पकड़ सकता है। विपक्ष जहां सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं सरकार के सामने किसानों को राहत देने और कृषि संकट से निपटने की चुनौती बनी हुई है।

फिलहाल चित्रदुर्ग में विपक्ष के नेता के दौरे के बाद राज्य में सूखे को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर क्या कदम उठाती है और राहत कार्यों को किस तरह आगे बढ़ाती है।

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