कर्नाटक

रील बनाने वालों के लिए खुशखबरी! मैसूर दशहरा पर बनाएं वीडियो

Kavita2
19 Oct 2026 5:55 PM IST
रील बनाने वालों के लिए खुशखबरी! मैसूर दशहरा पर बनाएं वीडियो
x

बेंगलुरु। सोशल मीडिया पर रील बनाने के शौकीन युवाओं के लिए कर्नाटक सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सोमवार को विश्व प्रसिद्ध मैसूर दशहरा महोत्सव को लेकर एक विशेष प्रतियोगिता की घोषणा की। इसके तहत दशहरा उत्सव की खूबसूरती, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, भव्य रोशनी और पारंपरिक आयोजनों पर रील बनाने वाले युवाओं को पुरस्कार जीतने का अवसर मिलेगा। सरकार की ओर से सबसे बेहतरीन 100 रील्स का चयन किया जाएगा और उनके निर्माताओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु स्थित विधान सौधा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए इस पहल की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे मैसूर दशहरा की भव्यता और उत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करें तथा आकर्षक रील बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रतियोगिता में कोई भी व्यक्ति दशहरा उत्सव से जुड़े अलग-अलग विषयों पर रील बना सकता है।

सबसे बेहतरीन 100 रील्स को मिलेगा पुरस्कार

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने बताया कि सरकार मैसूर दशहरा पर बनाई गई रील्स में से सर्वश्रेष्ठ 100 का चयन करेगी। चयनित रील्स के निर्माताओं को विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाने के लिए इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। दशहरा उत्सव के दौरान होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों, सजावट और सांस्कृतिक गतिविधियों को रील्स के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि रील किसी एक कार्यक्रम पर आधारित हो। प्रतिभागी अपनी पसंद के अनुसार दशहरा महोत्सव के किसी भी आकर्षक पहलू को कैमरे में कैद कर सकते हैं।

इस पहल का उद्देश्य युवाओं को पारंपरिक त्योहारों से जोड़ने के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से मैसूर दशहरा की पहचान को अधिक लोगों तक पहुंचाना है।

जंबू सवारी से लेकर फूड फेयर तक बना सकेंगे रील

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रतिभागी मैसूर दशहरा के प्रमुख आकर्षणों में शामिल दीपालंकार यानी भव्य रोशनी, जंबू सवारी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और फूड फेयर पर रील बना सकते हैं।

मैसूर दशहरा में जंबू सवारी का विशेष महत्व है। इसमें सजे-धजे हाथियों के साथ पारंपरिक शोभायात्रा निकाली जाती है। यह आयोजन देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहता है।

इसके अतिरिक्त मैसूर पैलेस और शहर की प्रमुख सड़कों पर की जाने वाली भव्य रोशनी भी दशहरा महोत्सव की खास पहचान है।

फूड फेयर में कर्नाटक के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खानपान की झलक देखने को मिलती है। ऐसे में सोशल मीडिया कंटेंट बनाने वाले युवाओं के पास रचनात्मक वीडियो तैयार करने के अनेक अवसर होंगे।

सोशल मीडिया पर शेयर करनी होगी रील

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने युवाओं से अपील की कि वे दशहरा उत्सव के दौरान जो भी दृश्य पसंद करें, उनकी रील बनाएं और सोशल मीडिया पर साझा करें।

उन्होंने कहा कि दशहरा के आरंभ से समापन तक के अनुभवों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता है।

प्रतिभागियों को अपनी रील्स के साथ 'Mysuru Dasara 2026' टैग का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है, ताकि प्रतियोगिता से संबंधित वीडियो की पहचान करने में आसानी हो।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वह स्वयं भी दशहरा महोत्सव से संबंधित रील बना चुके हैं। उन्होंने युवाओं को भी अच्छी रील्स बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

युवाओं की रचनात्मकता को मिलेगा नया मंच

कर्नाटक सरकार की इस पहल को डिजिटल युग में सांस्कृतिक आयोजनों के प्रचार का एक नया प्रयास माना जा रहा है।

आज सोशल मीडिया पर इंस्टाग्राम रील्स और छोटे वीडियो युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। बड़ी संख्या में युवा अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करते हैं।

ऐसे में मैसूर दशहरा जैसे पारंपरिक महोत्सव को सोशल मीडिया प्रतियोगिता से जोड़ने पर युवाओं की भागीदारी बढ़ सकती है।

इससे न केवल स्थानीय कलाकारों और कार्यक्रमों को डिजिटल मंच मिलेगा, बल्कि अन्य राज्यों के लोग भी मैसूर की सांस्कृतिक विरासत के बारे में जान सकेंगे।

प्रतियोगिता के माध्यम से युवा वीडियो शूटिंग, एडिटिंग, कहानी प्रस्तुत करने और सांस्कृतिक विषयों पर कंटेंट निर्माण का अनुभव भी प्राप्त कर सकेंगे।

मैसूर दशहरा की रोशनी 10 दिन और बढ़ाने का फैसला

रील प्रतियोगिता की घोषणा के साथ मुख्यमंत्री ने मैसूर दशहरा की भव्य रोशनी को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि शहर में की गई आकर्षक विद्युत सजावट को देखने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इसी उत्साह को देखते हुए दशहरा की लाइटिंग को अतिरिक्त 10 दिनों तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं दशहरा कार्यक्रमों और रोशनी का आनंद लिया है। बड़ी संख्या में पर्यटकों की उपस्थिति को देखते हुए सजावट की अवधि बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

इस निर्णय से उन पर्यटकों को भी शहर की भव्य रोशनी देखने का अवसर मिलेगा, जो मुख्य दशहरा उत्सव के दौरान मैसूर नहीं पहुंच पाए हैं।

विश्व प्रसिद्ध है मैसूर दशहरा महोत्सव

कर्नाटक का मैसूर दशहरा देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल है। यह महोत्सव अपनी ऐतिहासिक परंपराओं, भव्य शोभायात्राओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आकर्षक सजावट के लिए जाना जाता है।

इस वर्ष मैसूर दशहरा महोत्सव 11 से 21 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। मुख्य जंबू सवारी शोभायात्रा 21 अक्टूबर को निर्धारित है।

उत्सव के दौरान मैसूर पैलेस, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभिन्न प्रदर्शनियां बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।

पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

मैसूर दशहरा पर रील बनाने की प्रतियोगिता से प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

सोशल मीडिया पर साझा किए जाने वाले वीडियो देश-विदेश के दर्शकों तक पहुंच सकते हैं। इससे मैसूर की सांस्कृतिक परंपराओं, ऐतिहासिक स्थलों और स्थानीय खानपान के प्रति लोगों की रुचि बढ़ सकती है।

सरकार की यह पहल युवाओं की डिजिटल प्रतिभा और राज्य की सांस्कृतिक विरासत को एक साथ जोड़ने का प्रयास है।

हालांकि, पुरस्कारों की राशि, चयन समिति, आवेदन की अंतिम तिथि और विजेताओं की घोषणा से संबंधित विस्तृत नियम अभी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किए गए हैं।

फिलहाल मुख्यमंत्री की घोषणा से सोशल मीडिया पर रील बनाने के शौकीन युवाओं को अपनी रचनात्मकता दिखाने का नया अवसर मिला है। अब देखना होगा कि इस प्रतियोगिता में कितने युवा भाग लेते हैं और मैसूर दशहरा की कौन-सी रील्स सर्वश्रेष्ठ 100 में जगह बनाती हैं।

Next Story