
बेंगलुरु। कर्नाटक की ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रसिद्ध लग्जरी टूरिस्ट ट्रेन 'गोल्डन चैरियट' के नए पर्यटन सीजन 2026-27 की शुरुआत हो गई है। शनिवार, 24 अक्टूबर को बेंगलुरु के क्रांतिवीर संगोली रायण्णा रेलवे स्टेशन पर आयोजित विशेष समारोह में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और केंद्रीय रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने ट्रेन की पहली यात्रा को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर अधिकारियों, पर्यटन विभाग के प्रतिनिधियों और रेलवे के वरिष्ठ कर्मचारियों की मौजूदगी रही। नए सीजन की पहली यात्रा को लेकर पर्यटकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। 'प्राइड ऑफ कर्नाटक' नाम से संचालित इस यात्रा की सभी सीटें पहले ही बुक हो चुकी थीं।
ट्रेन में कुल 75 पर्यटक कर्नाटक की ऐतिहासिक धरोहरों, वन्यजीव अभयारण्यों, प्राकृतिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करेंगे। पांच रात और छह दिन की इस विशेष यात्रा में यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ शाही अंदाज में पर्यटन का अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य गोल्डन चैरियट को देश के प्रमुख लग्जरी पर्यटन उत्पादों में स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
बेंगलुरु में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गोल्डन चैरियट के नए पर्यटन सीजन की शुरुआत पर खुशी व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक ऐतिहासिक स्मारकों, प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीव संपदा और विविध सांस्कृतिक परंपराओं से समृद्ध राज्य है। गोल्डन चैरियट इन विशेषताओं को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लग्जरी पर्यटन को बढ़ावा देने से राज्य की पहचान मजबूत होगी और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों को भी लाभ मिलेगा।
उन्होंने यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस यात्रा के माध्यम से पर्यटक कर्नाटक की विरासत और प्रकृति को करीब से जान सकेंगे।
पहली यात्रा में सभी 75 सीटें बुक
गोल्डन चैरियट के नए सीजन की सबसे खास बात यह रही कि पहली यात्रा की सभी 75 सीटें पहले ही बुक हो गई थीं।
पर्यटन विभाग के अनुसार, 'प्राइड ऑफ कर्नाटक' यात्रा में 75 अतिथि शामिल हैं। उनकी देखभाल और सुविधाओं के लिए ट्रेन में करीब 60 कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
ये कर्मचारी खानपान, अतिथि सत्कार, हाउसकीपिंग और अन्य सेवाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे।
पर्यटन अधिकारियों का कहना है कि पहली यात्रा की सभी सीटें भरना लग्जरी पर्यटन के प्रति यात्रियों की बढ़ती रुचि का संकेत है।
हालांकि, पूरे पर्यटन सीजन की सफलता आने वाली यात्राओं की बुकिंग और यात्रियों की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी।
छह दिनों में कई ऐतिहासिक स्थलों की सैर
गोल्डन चैरियट की 'प्राइड ऑफ कर्नाटक' यात्रा पांच रात और छह दिन की है।
इस दौरान पर्यटकों को कर्नाटक के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की सैर कराई जाएगी।
यात्रा कार्यक्रम में बांदीपुर टाइगर रिजर्व, मैसूर, बेलूर, हलेबीडु, चिक्कमगलुरु, हम्पी और गोवा शामिल हैं।
बांदीपुर में पर्यटकों को वन्यजीवों और प्राकृतिक वातावरण का अनुभव करने का अवसर मिलेगा। मैसूर में वे प्रसिद्ध शाही विरासत और ऐतिहासिक स्थलों से परिचित होंगे।
बेलूर और हलेबीडु में होयसला कालीन मंदिरों की अद्भुत वास्तुकला देखने का मौका मिलेगा।
चिक्कमगलुरु में कॉफी बागानों और पहाड़ी प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया जा सकेगा।
इसके बाद पर्यटक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हम्पी के ऐतिहासिक अवशेषों को देखेंगे। यात्रा में गोवा के समुद्री तट और सांस्कृतिक विरासत को भी शामिल किया गया है।
नए रूप में लौटी गोल्डन चैरियट ट्रेन
इस वर्ष गोल्डन चैरियट को नई सुविधाओं और आकर्षक सजावट के साथ यात्रियों के लिए तैयार किया गया है।
पर्यटन विभाग के अनुसार, मई से अगस्त के बीच मैसूर स्थित रेलवे कार्यशाला में ट्रेन का निर्धारित तकनीकी रखरखाव किया गया।
इस दौरान ट्रेन के बाहरी हिस्सों की मरम्मत और सजावट की गई। इसके अलावा रसोई को आधुनिक बनाया गया, ताकि यात्रियों को बेहतर खानपान सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
ट्रेन के अंदरूनी हिस्सों में भी सुविधाएं बेहतर की गई हैं। यात्रियों के लिए आरामदायक केबिन, आधुनिक मनोरंजन सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।
इस बार दो नए सुइट भी तैयार किए गए हैं, जिनका उद्देश्य बड़े समूहों और विशेष श्रेणी के पर्यटकों को आकर्षित करना है।
शाही सुविधाओं के साथ यादगार सफर
गोल्डन चैरियट भारत की प्रमुख लग्जरी पर्यटक ट्रेनों में शामिल है।
इसमें यात्रियों को आरामदायक केबिन, आकर्षक आंतरिक सजावट और विशेष खानपान सेवाएं मिलती हैं।
ट्रेन में स्मार्ट टेलीविजन, मनोरंजन सुविधाएं और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी तथा आधुनिक फायर अलार्म सिस्टम लगाए गए हैं।
इसके अलावा यात्रियों को निर्धारित पर्यटन स्थलों पर गाइड की सुविधा और स्थानीय दर्शनीय स्थलों के भ्रमण की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाती है।
पर्यटकों को ट्रेन से उतरकर ऐतिहासिक स्मारकों, मंदिरों और प्राकृतिक स्थलों को देखने का अवसर मिलता है।
इस तरह गोल्डन चैरियट रेल यात्रा और पर्यटन को एक साथ जोड़ने वाला विशेष अनुभव प्रदान करती है।
पर्यटन सीजन में कुल 13 यात्राएं प्रस्तावित
वर्ष 2026-27 के पर्यटन सीजन में गोल्डन चैरियट की कुल 13 यात्राएं निर्धारित की गई हैं।
इनमें सात यात्राएं 'प्राइड ऑफ कर्नाटक', तीन 'ग्लिम्प्सेस ऑफ कर्नाटक' और तीन 'ज्वेल्स ऑफ साउथ' के अंतर्गत संचालित की जाएंगी।
'प्राइड ऑफ कर्नाटक' यात्रा में राज्य की विरासत, वन्यजीव और प्राकृतिक स्थलों को प्रमुखता दी गई है।
'ग्लिम्प्सेस ऑफ कर्नाटक' अपेक्षाकृत कम अवधि की यात्रा है, जिसमें प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों को शामिल किया जाता है।
वहीं, 'ज्वेल्स ऑफ साउथ' के माध्यम से दक्षिण भारत के प्रमुख सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।
पर्यटन विभाग का लक्ष्य इन यात्राओं के जरिए घरेलू और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करना है।
लग्जरी यात्रा के लिए खर्च करने होंगे लाखों रुपये
गोल्डन चैरियट की यात्रा सामान्य रेल सेवाओं की तुलना में काफी महंगी है। यह विशेष रूप से लग्जरी पर्यटन का अनुभव लेने वाले यात्रियों के लिए तैयार की गई है।
प्रकाशित किराया विवरण के अनुसार, अलग-अलग यात्रा पैकेज और केबिन श्रेणियों के आधार पर प्रति व्यक्ति किराया लगभग 2.53 लाख रुपये से 4.87 लाख रुपये तक हो सकता है। इसके अतिरिक्त निर्धारित जीएसटी भी लागू होगा।
किराए में रहने, भोजन, निर्धारित पर्यटन स्थलों का भ्रमण और कुछ अन्य सेवाएं शामिल होती हैं।
यात्रियों को बुकिंग से पहले संबंधित पैकेज में शामिल सुविधाओं, किराए और नियमों की जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी जाती है।
पर्यटन उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
कर्नाटक सरकार गोल्डन चैरियट के माध्यम से राज्य के पर्यटन उद्योग को मजबूत करना चाहती है।
पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से होटल, परिवहन, स्थानीय गाइड, हस्तशिल्प और अन्य सेवाओं से जुड़े कारोबारियों को लाभ मिलने की संभावना है।
विशेष रूप से मैसूर, हम्पी, चिक्कमगलुरु और अन्य पर्यटन स्थलों पर स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के बीच कर्नाटक की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान मजबूत करने में भी यह ट्रेन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
सरकार का ध्यान भविष्य में कॉर्पोरेट पर्यटन और विशेष आयोजनों के लिए भी गोल्डन चैरियट की सेवाओं को लोकप्रिय बनाने पर है।
कर्नाटक की विरासत को दुनिया के सामने लाने की पहल
गोल्डन चैरियट के नए सीजन की शुरुआत को कर्नाटक के पर्यटन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
पहली यात्रा में सभी 75 सीटें भरने से पर्यटन विभाग उत्साहित है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आगामी यात्राओं में भी देश और विदेश से पर्यटक इस लग्जरी ट्रेन का अनुभव लेने पहुंचेंगे।
फिलहाल अक्टूबर से मार्च तक निर्धारित यात्राओं के माध्यम से कर्नाटक और दक्षिण भारत के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को विशेष पहचान दिलाने की योजना है।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य की ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक संपदा को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के लिए ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।





