
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए हुई दोस्ती के बाद लूटपाट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। नागराभावी इलाके में एक युवक ने डेटिंग ऐप पर मिले एक व्यक्ति को अपने दोस्त के घर बुलाया था। आरोप है कि घर पहुंचे व्यक्ति ने अपने एक अन्य साथी को भी बुला लिया और दोनों ने युवक को चाकू दिखाकर धमकाया। इसके बाद घर की अलमारी से करीब 226 ग्राम सोने के गहने लेकर फरार हो गए। चोरी गए आभूषणों की अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई गई है। घटना 22 अक्टूबर की रात की है। मामले में चंद्र लेआउट पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309 के तहत लूट का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नाजिया और सैयद मौशीन के रूप में बताई गई है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, नागराभावी इलाके में रहने वाले रोहित (बदला हुआ नाम) एक निजी कंपनी में काम करते हैं। वह पिछले करीब सात वर्षों से अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रह रहे हैं।
21 अक्टूबर को रोहित की पत्नी तमिलनाडु की यात्रा पर गई थीं। अगले दिन रोहित भी हेसरघट्टा स्थित अपने दूसरे घर जाने की तैयारी कर रहे थे।
इसी दौरान उनके दोस्त तिलक (बदला हुआ नाम) ने उनसे एक दिन के लिए घर में रुकने की अनुमति मांगी। दोस्त पर भरोसा करते हुए रोहित ने उसे घर की चाबी सौंप दी।
इसके बाद रोहित अपने दूसरे घर चले गए। उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनकी अनुपस्थिति में घर में ऐसी घटना हो जाएगी, जिससे लाखों रुपये के आभूषण गायब हो जाएंगे।
पुलिस शिकायत के अनुसार, 22 अक्टूबर की शाम करीब 7:30 बजे तिलक अपने दोस्त के नागराभावी स्थित मकान में पहुंचा।
इस दौरान वह एक ऑनलाइन डेटिंग ऐप पर किसी व्यक्ति के संपर्क में आया। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और कुछ समय बाद तिलक ने उसे घर पर मिलने के लिए बुला लिया।
रात लगभग 10:15 बजे एक व्यक्ति चेहरे पर मास्क लगाकर घर पहुंचा। तिलक के अनुसार, वह जिसे महिला समझकर मिलने बुला रहा था, उसने मास्क हटाया तो उसे पता चला कि आगंतुक ट्रांसजेंडर व्यक्ति है।
इसके बाद भी दोनों ने कुछ समय बातचीत की। हालांकि थोड़ी देर बाद आगंतुक घर के एक कमरे में चला गया और वहां रखी अलमारियों को देखने लगा।
जब तिलक ने उससे ऐसा करने का कारण पूछा, तो आरोप है कि उसने युवक को चुप रहने की धमकी दी।
शिकायत के अनुसार, तिलक ने आगंतुक को घर से जाने के लिए कहा, लेकिन वह जाने के बजाय किसी दूसरे व्यक्ति को फोन करने लगा।
करीब दस मिनट बाद उसका एक साथी भी वहां पहुंच गया। दोनों के घर में मौजूद होने से तिलक असहज हो गया।
आरोप है कि दोनों ने युवक को धमकाना शुरू कर दिया और उसे हॉल में बैठने के लिए मजबूर किया।
इस दौरान एक आरोपी ने चाकू दिखाकर उसे चुप रहने की चेतावनी दी, जबकि दूसरा व्यक्ति घर के बेडरूम की ओर चला गया।
पुलिस शिकायत में बताया गया है कि आरोपियों ने कमरे में रखी अलमारी को जबरन खोलकर सोने के गहने निकाल लिए।
तिलक ने विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन चाकू दिखाए जाने के कारण वह डर गया। आरोपियों ने उसे शोर मचाने से भी रोका।
इसके बाद दोनों सोने के आभूषण लेकर घर से फरार हो गए।
घटना के बाद तिलक ने रात करीब 11:45 बजे मकान मालिक रोहित को फोन करके पूरी जानकारी दी।
दोस्त से लूटपाट की सूचना मिलते ही रोहित तुरंत घर के लिए रवाना हुए। वह रात करीब 12:30 बजे नागराभावी स्थित अपने मकान पहुंचे।
घर लौटने पर उन्होंने देखा कि अलमारी खुली हुई थी और उसमें रखे सोने के कई आभूषण गायब थे।
रोहित ने सामान की जांच की तो मंगलसूत्र की चेन, एक हार, चूड़ियां, तीन सोने की चेन, एक ब्रेसलेट, एक माटी, पांच अंगूठियां और तीन जोड़ी झुमके गायब मिले।
इन सभी आभूषणों का कुल वजन लगभग 226 ग्राम बताया गया। गहनों की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी गई है।
घटना के बाद रोहित ने चंद्र लेआउट पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 309 के तहत लूट का मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान पुलिस ने डेटिंग ऐप पर हुई बातचीत और आरोपियों के संपर्क से संबंधित जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस को यह भी पता लगाना था कि आरोपियों को मकान में कीमती आभूषण रखे होने की जानकारी पहले से थी या उन्होंने घर में पहुंचने के बाद सामान की तलाशी ली।
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने दो संदिग्धों की पहचान की। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, चंद्र लेआउट पुलिस ने नाजिया और सैयद मौशीन को गिरफ्तार कर लिया है।
दोनों से पूछताछ की जा रही है। हालांकि चोरी गए सभी आभूषण बरामद हुए हैं या नहीं, इस संबंध में स्पष्ट आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इस घटना ने ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अजनबियों से मिलने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी सवाल खड़े किए हैं।
आज बड़ी संख्या में लोग दोस्ती और रिश्तों के लिए ऑनलाइन ऐप का इस्तेमाल करते हैं। इन प्लेटफॉर्म पर बातचीत के बाद कई लोग व्यक्तिगत मुलाकात का निर्णय लेते हैं।
हालांकि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन बातचीत होने का अर्थ यह नहीं है कि उसकी पहचान और विश्वसनीयता पूरी तरह प्रमाणित हो गई है।
ऐसे में पहली बार मिलने वाले व्यक्ति को सीधे अपने घर या किसी परिचित के खाली मकान में बुलाना सुरक्षा जोखिम बढ़ा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऑनलाइन मिले किसी व्यक्ति से पहली मुलाकात सार्वजनिक स्थान पर करना अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
इसके साथ ही मुलाकात की जानकारी किसी विश्वसनीय व्यक्ति को देना और निजी पता तथा अन्य संवेदनशील जानकारी साझा करने में सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है।
इस मामले में आरोपियों के ट्रांसजेंडर होने का उल्लेख पुलिस शिकायत और समाचार रिपोर्टों में किया गया है। हालांकि किसी व्यक्ति की लैंगिक पहचान का उसके कथित आपराधिक व्यवहार से कोई संबंध स्थापित नहीं होता। मामला विशिष्ट व्यक्तियों पर लगे लूट के आरोपों से संबंधित है।
पुलिस की जांच का मुख्य उद्देश्य आरोपियों की भूमिका, लूट की परिस्थितियों और चोरी गए आभूषणों के संबंध में साक्ष्य जुटाना है।
फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में बताए जा रहे हैं। उनसे पूछताछ के बाद घटना से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आने की संभावना है।
इस मामले ने यह भी दिखाया है कि ऑनलाइन परिचय के आधार पर किसी अजनबी को घर में बुलाने से पहले उसकी पहचान और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों का ध्यान रखना कितना जरूरी है।
हालांकि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।





