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कर्नाटक के पूर्व मंत्री सी. वीरन्ना का निधन, 86 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

Kavita2
26 July 2026 10:59 AM IST
कर्नाटक के पूर्व मंत्री सी. वीरन्ना का निधन, 86 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
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तुमकुरु : कर्नाटक की राजनीति के वरिष्ठ नेता और जनता पार्टी के पूर्व मंत्री सी. वीरन्ना का शनिवार को निधन हो गया। वह 86 वर्ष के थे। उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्होंने जिले स्थित अपने बुक्कापटना फार्महाउस में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

सी. वीरन्ना कर्नाटक की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम थे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में जनता पार्टी के माध्यम से सक्रिय भूमिका निभाई और कोराटागेरे विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। वह वर्ष 1983 और 1985 में जनता पार्टी के टिकट पर लगातार दो बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे।

वीरन्ना ने अपने कार्यकाल के दौरान क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया। एक जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की।

राजनीतिक जीवन में उनकी पहचान एक अनुभवी और जमीन से जुड़े नेता के रूप में रही। उन्होंने लंबे समय तक जनता पार्टी में रहकर संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर जिम्मेदारियां निभाईं। उनके समर्थकों और क्षेत्र के लोगों के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी।

सी. वीरन्ना के निधन की सूचना मिलते ही उनके समर्थक, राजनीतिक सहयोगी और स्थानीय लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने लगे। लोगों ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, वीरन्ना उस दौर के नेताओं में शामिल थे जब कर्नाटक की राजनीति में जनता पार्टी का महत्वपूर्ण प्रभाव था। उन्होंने अपने क्षेत्र में पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी।

विधानसभा सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई स्थानीय मुद्दों को उठाया और क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास किए। उनके समर्थकों का कहना है कि वह हमेशा जनता के बीच रहकर काम करने में विश्वास रखते थे।

सी. वीरन्ना का राजनीतिक सफर ऐसे समय में शुरू हुआ जब राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव हो रहे थे। उन्होंने अपने अनुभव और संगठनात्मक क्षमता के बल पर पार्टी में अपनी अलग पहचान बनाई।

उनके निधन पर राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया और उनके योगदान को याद किया। नेताओं ने कहा कि वीरन्ना का जाना कर्नाटक की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि उम्र बढ़ने के बावजूद वीरन्ना सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े रहे। वह अपने क्षेत्र के लोगों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखते थे और उनकी समस्याओं को सुनते थे।

बुक्कापटना स्थित उनके फार्महाउस पर निधन के बाद परिवार और समर्थकों में शोक का माहौल है। उनके परिवार के सदस्यों के अनुसार, वह लंबे समय से उम्र संबंधी स्वास्थ्य परेशानियों से जूझ रहे थे।

सी. वीरन्ना का राजनीतिक जीवन करीब कई दशकों तक फैला रहा। उन्होंने विधायक और मंत्री के रूप में राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके समर्थक उन्हें एक अनुभवी नेता के रूप में याद कर रहे हैं, जिन्होंने अपने क्षेत्र के विकास के लिए काम किया।

उनका निधन ऐसे समय में हुआ है जब कर्नाटक की राजनीति में पुराने नेताओं के योगदान को फिर से याद किया जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि वीरन्ना जैसे नेताओं ने राज्य में क्षेत्रीय राजनीति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कोराटागेरे क्षेत्र के लोगों के लिए भी यह एक भावनात्मक क्षण है। दो बार विधायक रहे वीरन्ना ने लंबे समय तक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।

उनके अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रम को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। परिवार, समर्थकों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।

सी. वीरन्ना का निधन कर्नाटक के राजनीतिक इतिहास में एक अध्याय के समाप्त होने जैसा है। उनके योगदान, जनसेवा और राजनीतिक अनुभव को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

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