
Karnataka कर्नाटक : वन भूमि अधिकार सेनानी मंच के अध्यक्ष रवींद्र नायक ने बताया कि वनवासियों के आवेदनों की बिना दोबारा जांच किए खारिज किए जाने के खिलाफ अपील का अभियान 4 अक्टूबर से चल रहा है।
उन्होंने शुक्रवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि मुख्य सचिव ने केंद्र सरकार को रिपोर्ट सौंपने से पहले इस मामले को मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों के ध्यान में नहीं लाया।
उन्होंने बताया कि उसी दिन सिरसी मंच कार्यालय में वनवासियों द्वारा राज्य सरकार के मुख्य सचिव और राज्य स्तरीय वन अधिकार निगरानी समिति को कानूनी आपत्ति पत्र अपील प्रस्तुत करने का अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि वनवासियों के आवेदनों की समीक्षा करने के लिए वन अधिकार अधिनियम के तहत बने नियम का पालन नहीं किया गया है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश और केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के मुख्य सचिव ने केंद्र सरकार को सौंपी अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि राज्य में 2,53,269 वनवासियों के आवेदन बिना दोबारा जांच किए खारिज कर दिए गए।





