
गौरीपुर। कुरकुरे जैसे स्नैक्स के पैकेट में मिली एक छोटी प्लास्टिक की खिलौना-बॉल कथित तौर पर पांच साल के बच्चे की मौत का कारण बन गई। बताया जा रहा है कि बच्चे ने स्नैक्स खाने के दौरान पैकेट में मौजूद गिफ्ट बॉल को मुंह में डाल लिया, जो गलती से उसके गले में फंस गई। इससे दम घुटने के कारण उसकी मौत हो गई।
मृतक बच्चे की पहचान मुकुंद मयूर के रूप में हुई है। वह ग्राम पंचायत की पूर्व उपाध्यक्ष गौराम्मा और शंकर नायक का पोता तथा संतोष और ऐश्वर्या का इकलौता बेटा था। बच्चे की अचानक मौत से परिवार में मातम छा गया है।
रोते बच्चे को रिश्तेदार ने लाकर दिया था स्नैक्स का पैकेट
जानकारी के अनुसार, शनिवार को रिश्तेदारों ने बच्चे को रोते हुए देखा था। उसे खुश करने के लिए गौरीपुर की एक दुकान से कुरकुरे जैसा स्नैक्स का पैकेट लाकर दिया गया।
परिजनों के मुताबिक, स्नैक्स पैकेट के अंदर बच्चों को आकर्षित करने के लिए एक छोटी प्लास्टिक की बॉल रखी गई थी। बच्चा स्नैक्स खाते समय उस बॉल को खिलौना समझकर मुंह में डाल बैठा। इसके बाद वह बॉल उसके गले में फंस गई और बच्चे को सांस लेने में परेशानी होने लगी।
परिजनों ने तुरंत बच्चे को बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी हालत गंभीर हो गई। दम घुटने के कारण उसकी मौत हो गई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मुकुंद मयूर परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मौत के बाद माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों ने बताया कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि स्नैक्स के पैकेट में मौजूद एक छोटी सी वस्तु बच्चे के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। घटना के बाद परिवार ने बच्चों के लिए ऐसे उत्पादों में सुरक्षा मानकों को लेकर चिंता जताई है।
स्नैक्स पैकेट में गिफ्ट रखने पर उठे सवाल
इस घटना के बाद बच्चों को आकर्षित करने के लिए खाद्य पदार्थों के पैकेट में खिलौने या अन्य वस्तुएं रखने की परंपरा पर सवाल उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों की आदत होती है कि वे चीजों को मुंह में डाल लेते हैं। ऐसे में खाद्य उत्पादों के साथ मिलने वाली छोटी वस्तुएं उनके लिए खतरा बन सकती हैं।
खासकर पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ऐसी वस्तुओं से सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि वे अनजाने में इन्हें निगल सकते हैं।
सुरक्षा मानकों की जांच की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने संबंधित कंपनी और उत्पाद की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि बच्चों को ध्यान में रखकर बनाए जाने वाले उत्पादों में अतिरिक्त सावधानी बरती जानी चाहिए।
खाद्य पैकेटों में किसी भी तरह की अतिरिक्त वस्तु रखने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वह बच्चों के लिए सुरक्षित है और उससे किसी तरह का खतरा पैदा न हो।
बच्चों के लिए सावधानी जरूरी
चिकित्सकों के अनुसार, छोटे बच्चों में किसी बाहरी वस्तु के गले में फंसने की घटनाएं गंभीर हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना बेहद जरूरी होता है।
अभिभावकों को भी सलाह दी जाती है कि वे बच्चों को छोटे आकार की वस्तुओं से दूर रखें और ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें।
जांच और कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल इस मामले में आगे की कार्रवाई और जांच की जानकारी सामने नहीं आई है। घटना ने एक बार फिर बच्चों के लिए बनाए जाने वाले खाद्य उत्पादों और उनमें शामिल अतिरिक्त वस्तुओं की सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।
एक छोटे से खिलौने ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया। इस घटना के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि बच्चों को आकर्षित करने के लिए उत्पादों में दी जाने वाली ऐसी वस्तुओं की सुरक्षा जांच कितनी गंभीरता से की जाती है।





