कर्नाटक

छात्र मुद्दों और परीक्षा सुधारों पर कैबिनेट सब-कमेटी की पहली बैठक

Kavita2
4 Sept 2026 11:04 AM IST
छात्र मुद्दों और परीक्षा सुधारों पर कैबिनेट सब-कमेटी की पहली बैठक
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कर्नाटक। छात्रों से जुड़े मुद्दों और परीक्षा सुधारों को लेकर गठित कैबिनेट की सब-कमेटी की पहली बैठक गुरुवार को आयोजित की गई। बैठक में छात्रों और अभिभावकों से सुझाव लेने से पहले शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों, पूर्व वाइस-चांसलरों और अन्य जानकारों से राय लेने का निर्णय लिया गया।

स्कूल शिक्षा और साक्षरता मंत्री मधु बंगारप्पा ने बैठक के बाद कहा कि परीक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मामलों में सुधार के लिए व्यापक चर्चा की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उचित प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा हितधारक अपनी राय और सुझाव दे सकें।

विशेषज्ञों से ली जाएगी राय

कैबिनेट सब-कमेटी ने तय किया है कि सबसे पहले शिक्षा क्षेत्र के अनुभवी लोगों से बातचीत की जाएगी। इसमें पूर्व वाइस-चांसलर, शिक्षाविद, परीक्षा प्रणाली से जुड़े विशेषज्ञ और अन्य जानकार शामिल होंगे।

समिति का मानना है कि परीक्षा सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषय पर निर्णय लेने से पहले मौजूदा व्यवस्था की कमियों और संभावित सुधारों को समझना जरूरी है।

विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर आगे छात्रों, अभिभावकों और अन्य स्टेकहोल्डर्स से भी चर्चा की जाएगी।

छात्रों और अभिभावकों की भूमिका अहम

मंत्री मधु बंगारप्पा ने कहा कि परीक्षा प्रणाली सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती है। इसलिए इसमें बदलाव करते समय छात्रों और अभिभावकों की राय को भी महत्व दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें छात्रों पर अनावश्यक दबाव कम हो और उनकी क्षमता के अनुसार बेहतर अवसर मिल सकें।

समिति आने वाले समय में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू करेगी।

परीक्षा सुधारों पर होगी चर्चा

बैठक में परीक्षा प्रणाली से जुड़े कई संभावित सुधारों पर चर्चा की गई। इसमें परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने, मूल्यांकन व्यवस्था को बेहतर करने और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए बदलाव करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते समय के साथ परीक्षा प्रणाली में भी सुधार जरूरी है। नई तकनीक, कौशल आधारित शिक्षा और छात्रों की मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनाने की आवश्यकता है।

सब-कमेटी का उद्देश्य

कैबिनेट सब-कमेटी का गठन छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए किया गया है। समिति का लक्ष्य मौजूदा चुनौतियों की पहचान करना और उनके समाधान के लिए सुझाव तैयार करना है।

समिति की रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे की नीति तैयार कर सकती है।

प्रचार-प्रसार पर जोर

मंत्री मधु बंगारप्पा ने कहा कि इस पहल के बारे में लोगों को जानकारी मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों और अभिभावकों तक सही जानकारी पहुंचेगी तो वे भी अपनी राय प्रभावी तरीके से रख सकेंगे।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समिति की गतिविधियों और सुझाव प्रक्रिया का व्यापक प्रचार किया जाए।

शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश

परीक्षा सुधार लंबे समय से शिक्षा क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा है। छात्रों पर बढ़ता मानसिक दबाव, मूल्यांकन प्रक्रिया, परीक्षा के तरीके और परिणामों की गुणवत्ता जैसे मुद्दों को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।

सरकार की यह पहल इसी दिशा में एक कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी परीक्षा सुधार को लागू करने से पहले सभी पक्षों की राय लेना जरूरी है।

आगे की प्रक्रिया

पहली बैठक में समिति ने अपनी आगे की कार्ययोजना तय की। अब विशेषज्ञों से चर्चा के बाद छात्रों और अभिभावकों सहित अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव लिए जाएंगे।

इसके बाद समिति अपनी सिफारिशें तैयार करेगी और उन्हें सरकार के सामने पेश किया जाएगा।

फिलहाल कैबिनेट सब-कमेटी ने परीक्षा सुधारों को लेकर प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। आने वाले दिनों में विशेषज्ञों और स्टेकहोल्डर्स के सुझावों के आधार पर शिक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं।

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