कर्नाटक

मंदिर में ड्यूटी कर रही महिला PSI से मारपीट का आरोप विधायक की बेटी पर FIR दर्ज

Kavita2
14 Aug 2026 12:00 PM IST
मंदिर में ड्यूटी कर रही महिला PSI से मारपीट का आरोप विधायक की बेटी पर FIR दर्ज
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मांड्या: कर्नाटक के मांड्या जिले में मंदिर में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि तुमकुरु ग्रामीण बीजेपी विधायक बी. सुरेश गौड़ा की बेटी ऐश्वर्या ने महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) के साथ बहस के बाद कथित तौर पर थप्पड़ मारा, मारपीट की और धमकी दी। इस मामले में पुलिस ने ऐश्वर्या के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, घटना 12 अगस्त की रात करीब 8.15 बजे की बताई जा रही है। उस समय मांड्या महिला पुलिस स्टेशन की PSI सविता बी. पाटिल को ‘भीमा अमावस्या’ के अवसर पर विशेष सुरक्षा ड्यूटी के लिए मंदिर में तैनात किया गया था।

भीमा अमावस्या के मौके पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। इसी व्यवस्था के तहत PSI सविता बी. पाटिल अपनी टीम के साथ ड्यूटी पर मौजूद थीं।

आरोप है कि इसी दौरान दर्शन में देरी को लेकर PSI और ऐश्वर्या के बीच विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि ऐश्वर्या मंदिर में दर्शन करने पहुंची थीं और किसी कारणवश उन्हें इंतजार करना पड़ा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई।

पुलिस शिकायत के मुताबिक, बहस बढ़ने के बाद ऐश्वर्या ने PSI के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि उन्होंने महिला पुलिस अधिकारी को थप्पड़ मारा, मारपीट की और सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाई। इसके अलावा उन्हें धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

घटना के बाद पुलिस अधिकारी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। ऐश्वर्या के खिलाफ क्यातानाहल्ली पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

पुलिस ने बताया कि मामले में BNS की धारा 132, 115(2), 352 और 351(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। इन धाराओं में सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकना, मारपीट, धमकी और अपमानजनक व्यवहार जैसे आरोप शामिल हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान घटना स्थल पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है, क्योंकि आरोपी महिला एक बीजेपी विधायक की बेटी बताई जा रही हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

वहीं, पुलिस अधिकारियों के साथ ड्यूटी के दौरान किसी भी तरह के दुर्व्यवहार को गंभीरता से लिया जाता है। कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालना कानूनन अपराध माना जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों और धार्मिक आयोजनों के दौरान पुलिसकर्मी भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रहते हैं। ऐसे में उनके साथ किसी भी तरह की बदसलूकी या हिंसा की घटना पर कानूनी कार्रवाई जरूरी है।

मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोगों से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ।

फिलहाल एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध सबूतों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब सार्वजनिक कार्यक्रमों और धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन लगातार सतर्कता बरत रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती, चाहे उसकी पहचान कुछ भी हो।

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