कर्नाटक

एशियाई खेलों 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों का विधान सौधा में सम्मान

Kavita2
6 Oct 2026 3:21 PM IST
एशियाई खेलों 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों का विधान सौधा में सम्मान
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बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने हाल ही में संपन्न एशियाई खेलों 2026 में पदक जीतकर देश और राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का विधान सौधा में सम्मान किया। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और उपमुख्यमंत्री तथा युवा सशक्तिकरण एवं खेल मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए उनकी उपलब्धियों की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार ने खेल प्रतिभाओं के लिए वित्तीय प्रोत्साहन, नौकरी की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर सहायता देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण उपायों की घोषणा भी की। सरकार का उद्देश्य राज्य के खिलाड़ियों को लंबे समय तक आर्थिक और संस्थागत समर्थन देना है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

सम्मान समारोह में एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने पदक विजेताओं को सम्मानित करते हुए कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियां राज्य के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं।

जी. परमेश्वर ने अपने संबोधन में कहा कि एशियाई खेलों में राज्य के खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है और उनकी मेहनत ने पूरे कर्नाटक को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल पुरस्कार देने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि खिलाड़ियों को उनके पूरे करियर में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में सफल होने के लिए खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, उपकरण, पोषण, यात्रा और प्रतियोगिता शुल्क समेत कई तरह के खर्चों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि आर्थिक कारण किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी के रास्ते में बाधा न बनें।

सरकार ने खिलाड़ियों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन बढ़ाने की दिशा में कदम उठाने की बात कही है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को आवश्यक सहायता और प्रशिक्षण संसाधन समय पर उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है।

इसके साथ ही नौकरी की सुरक्षा को लेकर भी विशेष उपायों की घोषणा की गई है। सरकार का मानना है कि खेलों में अपना करियर बनाने वाले युवाओं को भविष्य की चिंता से मुक्त करना जरूरी है। यदि खिलाड़ियों को रोजगार और आर्थिक स्थिरता मिलती है, तो वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

खेल मंत्री ने कहा कि राज्य में कई ऐसे युवा हैं जिनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने की क्षमता है, लेकिन उन्हें सही समय पर प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता नहीं मिल पाती। इसलिए प्रतिभाओं की शुरुआती स्तर पर पहचान और उन्हें लगातार मार्गदर्शन देना महत्वपूर्ण होगा।

सरकार की नई रणनीति में ग्रामीण और छोटे शहरों से आने वाले खिलाड़ियों पर भी विशेष ध्यान देने की योजना है। कई बार प्रतिभाशाली खिलाड़ी सुविधाओं की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाते। ऐसे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण केंद्रों, कोच और आवश्यक खेल उपकरण से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों की उपलब्धियों को याद करते हुए कहा गया कि एशियाई खेलों में पदक जीतना केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि राज्य और देश के लिए गौरव का विषय है। ऐसे खिलाड़ियों की सफलता से नई पीढ़ी को खेलों की ओर आकर्षित करने में भी मदद मिलती है।

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत करना चाहती है। स्कूल और कॉलेज स्तर से ही प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें बेहतर अवसर देने के लिए विभिन्न योजनाओं को मजबूत किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि अनुशासन, स्वास्थ्य और टीम भावना को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक युवा खेलों से जुड़ें।

विधान सौधा में आयोजित इस सम्मान समारोह को राज्य में खेल प्रतिभाओं के प्रति सरकार के समर्थन का संदेश माना जा रहा है। खिलाड़ियों और उनके परिवारों के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण अवसर रहा।

सरकार की ओर से किए गए नए उपायों का उद्देश्य खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में बेहतर वातावरण देना है। इसमें प्रशिक्षण शिविर, विदेशी कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस और चिकित्सा सहायता जैसे क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया जा सकता है।

कर्नाटक के कई खिलाड़ी पिछले वर्षों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। ऐसे में सरकार अब एक व्यवस्थित खेल नीति के माध्यम से इन उपलब्धियों को और आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

जी. परमेश्वर ने कहा कि पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सम्मान देना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए मजबूत आधार तैयार किया जाए।

सरकार की घोषणा से खेल जगत में सकारात्मक माहौल बनने की उम्मीद है। नौकरी की सुरक्षा और वित्तीय प्रोत्साहन बढ़ने से खिलाड़ी लंबे समय तक खेल करियर में बने रह सकेंगे।

इसके अलावा, खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के दौरान और बाद में भी सरकारी सहायता उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्था को सरल बनाने की जरूरत पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री और खेल मंत्री ने सभी पदक विजेताओं को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है।

कुल मिलाकर, विधान सौधा में आयोजित सम्मान समारोह केवल पदक विजेताओं को सम्मानित करने का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए सरकार ने राज्य की खेल नीति और खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर अपनी प्राथमिकताएं भी स्पष्ट कीं।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि घोषित वित्तीय प्रोत्साहन, रोजगार सुरक्षा और अन्य सहायता योजनाओं को कितनी तेजी से लागू किया जाता है और इसका लाभ राज्य की उभरती खेल प्रतिभाओं तक कब तक पहुंचता है।

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