
Karnataka कर्नाटक : मंगलवार को K.R. मार्केट क्षेत्र में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब कर्नाटक राज्य किसान संघ और ग्रीन आर्मी संगठन के सदस्यों ने मिलकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मार्केट में लागू की गई नई पार्किंग व्यवस्था और खेती से जुड़े वाहनों के प्रवेश पर लगाई गई रोक का विरोध किया।
यह विरोध प्रदर्शन किसान संघ के राज्य अध्यक्ष कोडिहल्ली चंद्रशेखर के नेतृत्व में किया गया। प्रदर्शन के चलते K.R. मार्केट और आसपास के क्षेत्रों में कुछ घंटों के लिए व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित रहीं और बाजार का कामकाज ठप हो गया। बड़ी संख्या में व्यापारी और किसान इस प्रदर्शन से प्रभावित हुए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि खेती का सामान लेकर आने वाले वाहनों को अब मार्केट परिसर के भीतर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, जिससे उन्हें सामान उतारने और बेचने में कठिनाई हो रही है।
कोडिहल्ली चंद्रशेखर ने बताया कि प्रशासन द्वारा मार्केट के खुले प्रवेश और निकास द्वारों को बंद कर दिया गया है। इसके अलावा, वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए हैं ताकि उन्हें थोक बाजार क्षेत्र से दूर ही पार्क कराया जा सके। उनका कहना है कि इस व्यवस्था से किसानों को सीधा नुकसान हो रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि किसानों और व्यापारियों के वाहनों को मार्केट से लगभग एक किलोमीटर दूर पार्क करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इससे उन्हें अपने सामान को हाथ या छोटे साधनों से बाजार तक लाना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं।
किसान संघ के नेताओं का कहना है कि यह व्यवस्था किसानों के हित में नहीं है और इससे उनकी लागत बढ़ रही है, जबकि पहले वे सीधे मार्केट परिसर में वाहन लेकर आ सकते थे और आसानी से सामान की बिक्री कर पाते थे।
प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर नारेबाजी भी की गई और प्रशासन से नई व्यवस्था को वापस लेने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
स्थानीय व्यापारियों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है, क्योंकि प्रदर्शन के कारण कुछ घंटों तक बाजार में खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रभावित रही। कई दुकानदारों का कहना है कि इससे दैनिक व्यापार पर सीधा असर पड़ा है।
प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। वहीं, किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे विरोध जारी रखेंगे।





