कर्नाटक

कर्ज नोटिस के बाद किसान की मौत, बैंक के बाहर ग्रामीणों का प्रदर्शन

Kavita2
24 July 2026 12:19 PM IST
कर्ज नोटिस के बाद किसान की मौत, बैंक के बाहर ग्रामीणों का प्रदर्शन
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कर्नाटक : कर्नाटक के थिम्मेनाहल्ली, अगाडी और बुडागट्टी गांवों के ग्रामीणों ने बुधवार को कर्नाटक ग्रामीण बैंक की अगाडी शाखा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि किसान सोमनागौडा निंगनागौडा मुदिगौद्रा (47) ने लोन वसूली नोटिस मिलने के डर और आर्थिक दबाव के कारण आत्महत्या कर ली।

प्रदर्शनकारी ग्रामीण किसान का शव लेकर बैंक पहुंचे और बैंक के बाहर रखकर अपना आक्रोश जताया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूखे और फसल खराब होने के कारण किसान पहले से ही आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं, ऐसे में बैंक की ओर से भेजे जा रहे वसूली नोटिस और कानूनी कार्रवाई के दबाव ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दी हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, सोमनागौडा निंगनागौडा मुदिगौद्रा खेती पर निर्भर थे। पिछले कुछ समय से क्षेत्र में बारिश की कमी और फसलों को हुए नुकसान के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति खराब बनी हुई है। किसानों को खेती से अपेक्षित आमदनी नहीं मिल रही है, जबकि दूसरी ओर कर्ज चुकाने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बैंक की ओर से किसान को कर्ज वसूली को लेकर नोटिस और कोर्ट समन भेजे गए थे। उनका कहना है कि इन कानूनी प्रक्रियाओं के कारण किसान मानसिक तनाव में थे और इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया।

ग्रामीणों ने बैंक प्रशासन से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को समझने के बजाय उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि किसान परिवार को उचित सहायता दी जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण बैंक परिसर के बाहर जमा हो गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।

ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र के कई किसान सूखे और फसल नुकसान की वजह से कर्ज के बोझ में दबे हुए हैं। उन्होंने सरकार से किसानों के लिए राहत पैकेज, कर्ज पुनर्गठन और वसूली प्रक्रिया में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की।

किसानों ने कहा कि खेती में लगातार बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता और बाजार में उचित दाम नहीं मिलने के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। ऐसे समय में कर्ज वसूली का दबाव किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।

वहीं, बैंक की ओर से इस मामले में तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

किसान की मौत के बाद गांवों में शोक का माहौल है। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने घटना की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि किसानों को आर्थिक और मानसिक सहयोग की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

कर्नाटक के कई हिस्सों में पिछले कुछ समय से सूखे और कृषि संकट को लेकर किसानों की चिंताएं सामने आती रही हैं। किसान संगठनों का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं और आर्थिक दबाव के बीच किसानों को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं। प्रदर्शन के बाद बैंक परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों की मांग है कि किसान की मौत के कारणों की गहराई से जांच हो और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

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