कर्नाटक

25 साल से फरार फर्जी अधिकारी गिरफ्तार

Kavita2
2 Sept 2026 11:00 AM IST
25 साल से फरार फर्जी अधिकारी गिरफ्तार
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मंगलुरु। मंगलुरु सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) पुलिस ने करीब 25 साल से फरार चल रहे एक कथित फर्जी अधिकारी को केरल के कन्नूर से गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को नेशनल क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (NCIB) का वरिष्ठ अधिकारी और डायरेक्टर बताकर लोगों को प्रभावित करता था और कथित तौर पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और जबरन वसूली में शामिल रहा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ करीब आठ राज्यों में 17 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान 64 वर्षीय सैम पीटर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार वह डैनी तारक्कन और एंथनी जैसे दूसरे नामों का भी इस्तेमाल करता था। मंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी ने गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी को सोमवार रात केरल के कन्नूर में पकड़ा गया।

पुलिस के मुताबिक आरोपी जमानत मिलने के बाद जांच और पूछताछ के लिए पेश नहीं हुआ और फरार हो गया था। इसके बाद से कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

25 साल से पुलिस को दे रहा था चकमा

सैम पीटर लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। करीब 25 साल पहले जमानत मिलने के बाद वह जांच प्रक्रिया में शामिल होने के लिए पेश नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन वह लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदलकर बचता रहा।

पुलिस का दावा है कि इस दौरान आरोपी ने अलग-अलग राज्यों में अपनी गतिविधियां जारी रखीं। उसके खिलाफ धोखाधड़ी और जबरन वसूली से संबंधित कई मामले दर्ज होते गए।

लंबे समय तक फरार रहने के कारण उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी। आखिरकार मंगलुरु CCB को उसके कन्नूर में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद कार्रवाई कर उसे पकड़ लिया गया।

NCIB अधिकारी बनकर करता था धोखाधड़ी

पुलिस जांच के अनुसार सैम पीटर खुद को नेशनल क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो का वरिष्ठ अधिकारी या डायरेक्टर बताता था। कथित पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर वह लोगों को विश्वास में लेता और फिर उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश करता था।

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उसने अपनी कथित पहचान साबित करने के लिए किस तरह के दस्तावेज, पहचान पत्र या अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया।

जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति या संगठित नेटवर्क सक्रिय था या वह अकेले ही लोगों को निशाना बना रहा था।

आठ राज्यों में 17 से अधिक मामले

पुलिस के अनुसार सैम पीटर के खिलाफ लगभग आठ राज्यों में धोखाधड़ी और जबरन वसूली से जुड़े 17 से अधिक मामले दर्ज हैं। इससे मामले का दायरा काफी बड़ा माना जा रहा है।

कर्नाटक के अलावा अन्य राज्यों की पुलिस भी अलग-अलग मामलों में उसकी तलाश कर रही थी। अब गिरफ्तारी के बाद संबंधित राज्यों की पुलिस को भी इसकी सूचना दिए जाने और लंबित मामलों से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की संभावना है।

पुलिस उसके खिलाफ दर्ज सभी मामलों की जानकारी जुटाकर यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि उसने किन राज्यों में किस तरह से लोगों को निशाना बनाया और कुल कितनी रकम की धोखाधड़ी की।

करोड़ों की ठगी का आरोप

सैम पीटर पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। हालांकि कुल रकम का अंतिम आंकड़ा विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

पुलिस के सामने अब बड़ी चुनौती कथित ठगी से जुड़े वित्तीय लेनदेन का पता लगाना है। आरोपी के बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य आर्थिक गतिविधियों की जांच से यह पता लगाया जा सकता है कि कथित रूप से ठगी गई रकम कहां गई।

यदि उसने अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल कर बैंक खाते या अन्य वित्तीय साधन बनाए होंगे तो उनकी भी जांच की जा सकती है।

कई नामों का करता था इस्तेमाल

पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी के अनुसार आरोपी सैम पीटर को डैनी तारक्कन और एंथनी के नाम से भी जाना जाता है। अलग-अलग नामों के इस्तेमाल के कारण पुलिस के लिए लंबे समय तक उसका पता लगाना मुश्किल रहा हो सकता है।

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि आरोपी ने और कितने नामों या पहचान का इस्तेमाल किया। यह भी जांच का हिस्सा हो सकता है कि उसके पास कथित फर्जी पहचान से जुड़े दस्तावेज मौजूद थे या नहीं।

अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामलों को आपस में जोड़ने में भी उसके विभिन्न नामों की जानकारी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

जमानत के बाद हुआ था फरार

पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले एक मामले में गिरफ्तार हो चुका था और बाद में उसे जमानत मिली थी। जमानत मिलने के बाद उसे पूछताछ और जांच प्रक्रिया में शामिल होना था, लेकिन वह पेश नहीं हुआ।

इसके बाद वह फरार हो गया और पुलिस को लंबे समय तक उसकी तलाश करनी पड़ी। इस दौरान उसके खिलाफ अन्य राज्यों में भी मामले सामने आते रहे।

अब उसकी गिरफ्तारी के बाद पुराने मामलों में लंबित कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।

कन्नूर में बिछाया जाल

मंगलुरु CCB को आरोपी के केरल के कन्नूर में मौजूद होने की जानकारी मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर कार्रवाई की और सोमवार रात उसे गिरफ्तार कर लिया।

करीब ढाई दशक से फरार आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने उसकी गतिविधियों और ठिकाने से जुड़ी जानकारियों को खंगाला। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ कर उसके पुराने नेटवर्क और कथित अपराधों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि फरारी के दौरान उसे किन लोगों से मदद मिली और वह इतने लंबे समय तक कानून से बचने में कैसे सफल रहा।

दूसरे राज्यों की पुलिस भी कर सकती है पूछताछ

चूंकि आरोपी के खिलाफ कई राज्यों में मामले दर्ज बताए जा रहे हैं, इसलिए अन्य राज्यों की जांच एजेंसियां भी उससे पूछताछ कर सकती हैं। संबंधित अदालतों में लंबित मामलों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस विभिन्न राज्यों से उसके आपराधिक मामलों का रिकॉर्ड जुटाकर एक विस्तृत प्रोफाइल तैयार कर सकती है। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि उसकी कथित धोखाधड़ी का तरीका क्या था और क्या हर राज्य में उसने समान तरीका अपनाया।

पुराने मामलों के खुलासे की उम्मीद

25 साल बाद आरोपी की गिरफ्तारी से कई पुराने मामलों में जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। जिन मामलों में उसकी गैरमौजूदगी के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी थी, उनमें अब पूछताछ और अन्य कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

जांच एजेंसी आरोपी से उसके कथित साथियों, वित्तीय लेनदेन और फर्जी पहचान से जुड़े सवाल पूछ सकती है। अगर पूछताछ में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

फिलहाल मंगलुरु CCB पुलिस की गिरफ्त में आए सैम पीटर पर लगे आरोपों की विस्तृत जांच जारी रहने की उम्मीद है। करीब 25 साल तक फरार रहने और आठ राज्यों में 17 से ज्यादा मामलों में वांछित बताए जा रहे आरोपी की गिरफ्तारी से पुलिस को पुराने धोखाधड़ी और जबरन वसूली के मामलों की कड़ियां जोड़ने में मदद मिल सकती है।

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