
शिवमोग्गा। कर्नाटक में दशहरा उत्सव के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शिवमोग्गा में निकाली जा रही जंबू सवारी के दौरान 450 किलो चांदी की अंबारी लेकर चल रहा सोमन्ना नाम का हाथी अचानक बेकाबू होकर दौड़ने लगा। हाथी की चिंघाड़ और भागदौड़ से जुलूस में मौजूद लोगों के बीच दहशत फैल गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान हाथी की पीठ पर रखी चांदी की अंबारी नीचे गिर गई और कई कारों तथा दोपहिया वाहनों को नुकसान पहुंचा। सूचना मिलने पर वन विभाग के कर्मचारियों ने हाथी को नियंत्रित करने की कार्रवाई की। उसे इंजेक्शन दिए जाने के बाद काबू में कर लिया गया। घटना के चलते शिवमोग्गा की जंबू सवारी रोक दी गई। वहीं, मैसूर में विश्व प्रसिद्ध दशहरा जंबू सवारी की शुरुआत हुई, जिसमें कैप्टन प्रशांत देवी चामुंडेश्वरी की प्रतिमा लेकर आगे बढ़े।
शिवप्पानायक पैलेस से शुरू हुई थी जंबू सवारी
Shivamogga Dasara procession disrupted after elephant Somanna, carrying the silver howdah with the idol of Goddess Chamundeshwari, suddenly runs back towards the starting point. The howdah falls off and is damaged as panic grips the crowd, with spectators running for safety. #Karnataka #Shivamogga
— Imran Khan (@KeypadGuerilla) October 21, 2026
जानकारी के अनुसार, शिवमोग्गा में दशहरा जंबू सवारी की शुरुआत शिवप्पानायक पैलेस से हुई थी।
इस पारंपरिक जुलूस में सोमन्ना नाम का हाथी 450 किलो वजन की चांदी की अंबारी लेकर चल रहा था।
जुलूस को लेकर उत्सव का माहौल था और लोग पारंपरिक आयोजन देखने के लिए मौजूद थे।
शुरुआत में जंबू सवारी निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ रही थी, लेकिन कुछ दूर पहुंचने के बाद अचानक स्थिति बदल गई।
सोमन्ना हाथी अनियंत्रित होकर दौड़ने लगा, जिससे जुलूस में शामिल लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
कोटे रोड पर अचानक दौड़ने लगा हाथी
बताया जा रहा है कि शिवप्पानायक पैलेस से आगे बढ़ने के बाद सोमन्ना हाथी अचानक बेकाबू हो गया।
इसके बाद वह कोटे रोड सहित शहर की मुख्य सड़कों पर दौड़ने लगा।
विशालकाय हाथी को अचानक दौड़ते देखकर आसपास मौजूद लोग घबरा गए।
हाथी की चिंघाड़ से मौके पर डर का माहौल बन गया।
लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
इस दौरान सड़क पर मौजूद वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।
हालांकि, हाथी के अचानक बेकाबू होने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
450 किलो चांदी की अंबारी नीचे गिरी
इस घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू हाथी की पीठ पर रखी भारी चांदी की अंबारी का नीचे गिरना रहा।
सोमन्ना जंबू सवारी के दौरान करीब 450 किलो वजन की अंबारी लेकर चल रहा था।
हाथी के अचानक भागने से अंबारी नीचे गिर गई।
यह घटना जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से गंभीर मानी जा रही है।
हालांकि, अंबारी गिरने से उसे कितना नुकसान हुआ और उसकी स्थिति क्या है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
घटना के बाद जुलूस को रोक दिया गया।
कई कारों और बाइकों को पहुंचा नुकसान
बेकाबू हाथी के सड़क पर दौड़ने के दौरान कई वाहनों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
इनमें कारें और मोटरसाइकिलें शामिल हैं।
हाथी की अचानक भागदौड़ के कारण सड़क पर मौजूद लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए हटना पड़ा।
हालांकि, क्षतिग्रस्त वाहनों की कुल संख्या और नुकसान की अनुमानित राशि स्पष्ट नहीं है।
इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की भी पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
इसलिए फिलहाल किसी के हताहत होने को लेकर निश्चित दावा नहीं किया जा सकता।
वन विभाग ने संभाला मोर्चा
हाथी के बेकाबू होने के बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए।
विशालकाय हाथी को सुरक्षित तरीके से काबू में करना चुनौतीपूर्ण होता है।
जानकारी के अनुसार, वन विभाग के कर्मचारियों ने सोमन्ना को नियंत्रित करने के लिए इंजेक्शन दिया।
इसके बाद हाथी को काबू में कर लिया गया।
हालांकि, इंजेक्शन किस प्रकार का था और उसे देने के बाद हाथी की स्वास्थ्य स्थिति कैसी रही, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।
वन विभाग की कार्रवाई के बाद मौके पर स्थिति नियंत्रण में आने की जानकारी दी गई है।
घटना के बाद जंबू सवारी रोकी गई
सोमन्ना हाथी के अनियंत्रित होने और चांदी की अंबारी गिरने के बाद शिवमोग्गा में दशहरा जंबू सवारी रोक दी गई।
आयोजन के दौरान इस प्रकार की घटना होने से सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच हाथी का अचानक दौड़ना जोखिमपूर्ण स्थिति पैदा कर सकता है।
ऐसे में आयोजन रोकना सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम रहा।
हालांकि, जंबू सवारी दोबारा शुरू करने को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
मैसूर में शान से आगे बढ़े कैप्टन प्रशांत
एक ओर शिवमोग्गा में हाथी के बेकाबू होने से दशहरा जुलूस प्रभावित हुआ, वहीं दूसरी ओर मैसूर में विश्व प्रसिद्ध दशहरा जंबू सवारी की शुरुआत हुई।
मैसूर की जंबू सवारी में कैप्टन प्रशांत प्रमुख आकर्षण बने।
प्रशांत हाथी अपनी पीठ पर देवी चामुंडेश्वरी की प्रतिमा लेकर शान से आगे बढ़े।
मैसूर दशहरा का यह पारंपरिक जुलूस कर्नाटक की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस आयोजन में देवी चामुंडेश्वरी की प्रतिमा को विशेष सम्मान के साथ ले जाने की परंपरा है।
मैसूर दशहरा की ऐतिहासिक पहचान
मैसूर दशहरा देश के सबसे प्रसिद्ध दशहरा उत्सवों में शामिल है।
यह आयोजन अपनी भव्यता, पारंपरिक जुलूस और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए जाना जाता है।
जंबू सवारी इस उत्सव का प्रमुख आकर्षण होती है।
इसमें विशेष रूप से सजाए गए हाथी और पारंपरिक दल शामिल होते हैं।
देवी चामुंडेश्वरी की प्रतिमा को लेकर निकलने वाला जुलूस धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है।
मैसूर की यह परंपरा देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करती है।
हाथियों की सुरक्षा और व्यवहार पर उठे सवाल
शिवमोग्गा की घटना के बाद सार्वजनिक आयोजनों में हाथियों की सुरक्षा और उनके व्यवहार की निगरानी का मुद्दा सामने आया है।
बड़ी भीड़, तेज आवाज और आसपास की गतिविधियां किसी भी पशु के व्यवहार को प्रभावित कर सकती हैं।
हालांकि, सोमन्ना हाथी के बेकाबू होने का कारण इनमें से कोई परिस्थिति थी या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
इसके लिए संबंधित विशेषज्ञों और वन विभाग की जांच आवश्यक होगी।
ऐसे आयोजनों में पशुओं की स्वास्थ्य जांच और सुरक्षित संचालन व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है।
भीड़ के बीच बड़ा खतरा टला
शिवमोग्गा में सोमन्ना हाथी के अचानक दौड़ने से गंभीर स्थिति पैदा हो गई थी।
450 किलो चांदी की अंबारी गिरने और वाहनों को नुकसान पहुंचने से घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
हालांकि, किसी व्यक्ति के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
वन विभाग ने हाथी को नियंत्रित कर लिया, जिसके बाद स्थिति सामान्य करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
जुलूस रोक दिए जाने से आगे किसी अप्रिय घटना की आशंका को कम करने में मदद मिली।
दशहरा उत्सव के बीच चौंकाने वाली घटना
कर्नाटक में दशहरा उत्सव के दौरान मैसूर और शिवमोग्गा से जंबू सवारी की दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आई हैं।
मैसूर में कैप्टन प्रशांत देवी चामुंडेश्वरी की प्रतिमा लेकर पारंपरिक जुलूस में आगे बढ़े।
वहीं, शिवमोग्गा में 450 किलो चांदी की अंबारी लेकर चल रहा सोमन्ना हाथी अचानक बेकाबू हो गया।
हाथी के दौड़ने से अंबारी सड़क पर गिर गई और कई कारों तथा बाइकों को नुकसान पहुंचा। वन विभाग के कर्मचारियों ने इंजेक्शन देकर हाथी को नियंत्रित किया। फिलहाल शिवमोग्गा की जंबू सवारी रोक दी गई है। घटना के कारणों और नुकसान की पूरी जानकारी सामने आने का इंतजार है।





