
नरसिम्हाराजपुरा: कर्नाटक के नरसिम्हाराजपुरा तालुक में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब स्कूल बस का इंतजार कर रहे बच्चों के एक समूह की ओर अचानक एक अकेला हाथी दौड़ पड़ा। घटना गुब्बिगा ग्राम पंचायत के सिद्दानकोडिगे कॉलोनी में मुख्य सड़क पर हुई। हाथी को अपनी ओर आता देख बच्चे बुरी तरह घबरा गए और जान बचाने के लिए स्कूल बैग तक सड़क पर छोड़कर पास के घरों की ओर भाग गए। गनीमत रही कि समय रहते बच्चे सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
जानकारी के मुताबिक, सिद्दानकोडिगे कॉलोनी के छह छात्र मंगलवार सुबह स्कूल जाने के लिए मुख्य सड़क पर अपनी स्कूल बस का इंतजार कर रहे थे। इन बच्चों को बीएच कैमारा और मूडाबागिलु हाई स्कूल जाना था। रोजाना की तरह बच्चे स्कूल जाने की तैयारी के बाद सड़क किनारे बस आने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान अचानक एक हाथी सड़क पर दिखाई दिया।
हाथी को सड़क पर देखकर बच्चे कुछ समझ पाते, इससे पहले ही वह उनकी दिशा में बढ़ने लगा और अचानक उनकी ओर झपट पड़ा। हाथी के इस तरह तेजी से बच्चों की तरफ आने से वहां मौजूद छात्रों में दहशत फैल गई। बच्चों ने अपनी जान बचाने के लिए तुरंत वहां से भागना शुरू कर दिया।
बैग छोड़कर भागे बच्चे
हाथी को अपनी ओर आते देखकर बच्चे इतने डर गए कि उन्होंने अपने स्कूल बैग भी वहीं छोड़ दिए और पास के घरों की ओर दौड़ लगा दी। बच्चों ने किसी तरह घरों के आसपास पहुंचकर खुद को सुरक्षित किया। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों में भी चिंता और अफरातफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बच्चों के लिए यह बेहद डरावना अनुभव था। सुबह स्कूल जाने के लिए सड़क पर खड़े बच्चों को शायद अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही क्षण में उन्हें जंगली हाथी का सामना करना पड़ेगा। हाथी के अचानक सड़क पर आने और उनकी तरफ बढ़ने से बच्चे घबरा गए।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में मदद की। बच्चों के परिजनों को भी घटना की जानकारी दी गई। हाथी के सड़क पर आने से आसपास के लोगों में भी भय का माहौल पैदा हो गया, क्योंकि इलाके में सुबह के समय ग्रामीणों और विद्यार्थियों की आवाजाही रहती है।
बाल-बाल बची बच्चों की जान
हाथी के अचानक बच्चों की ओर बढ़ने के बावजूद किसी छात्र के घायल होने की सूचना नहीं है। बच्चों ने समय रहते वहां से भागकर अपनी जान बचा ली। यदि हाथी बच्चों के और करीब पहुंच जाता तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने और हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगली हाथियों के आबादी वाले क्षेत्रों के करीब आने से लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
वन्यजीवों की आवाजाही से बढ़ी चिंता
कर्नाटक के कई वन क्षेत्रों से सटे इलाकों में हाथियों की आवाजाही कोई नई बात नहीं है। जंगलों से निकलकर हाथियों का मानव बस्तियों और कृषि क्षेत्रों की ओर आना कई बार लोगों के लिए खतरा पैदा कर देता है। खासकर सुबह और शाम के समय जब ग्रामीण अपने काम के लिए घरों से बाहर निकलते हैं, तब जंगली जानवरों की मौजूदगी चिंता का कारण बन सकती है।
सिद्दानकोडिगे कॉलोनी में हुई घटना ने भी स्थानीय लोगों को सतर्क कर दिया है। स्कूल जाने वाले बच्चों को मुख्य सड़क पर बस का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में अगर हाथी या कोई अन्य जंगली जानवर अचानक सड़क पर आ जाए तो बच्चों के लिए स्थिति गंभीर हो सकती है।
स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। छह छात्र सड़क पर स्कूल बस का इंतजार कर रहे थे और इसी दौरान हाथी उनके सामने आ गया। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल बसों के रूट और बस स्टॉप वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जरूरत है, ताकि वन्यजीवों की आवाजाही के समय बच्चों को खतरे से बचाया जा सके।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग से अपील की है कि हाथियों की गतिविधियों वाले क्षेत्रों में नियमित निगरानी की जाए और लोगों को समय रहते चेतावनी देने की व्यवस्था की जाए। यदि हाथी बार-बार आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच रहा है तो उसे सुरक्षित तरीके से वापस जंगल की ओर भेजने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
डर के बीच बच्चों ने दिखाई सूझबूझ
हाथी को देखकर बच्चों का घबरा जाना स्वाभाविक था, लेकिन उन्होंने बिना समय गंवाए वहां से भागकर पास के घरों में शरण ली। स्कूल बैग छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर भागना उस समय बच्चों के लिए सबसे जरूरी कदम था। उनकी तत्परता के कारण बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद बच्चों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, इस घटना ने इलाके में जंगली हाथियों की मौजूदगी को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
मंगलवार सुबह हुई इस घटना में छह छात्र बाल-बाल बच गए। बीएच कैमारा और मूडाबागिलु हाई स्कूल जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे बच्चों को अचानक सड़क पर अकेला हाथी दिखाई दिया और वह उनकी ओर दौड़ पड़ा। भयभीत छात्रों ने अपने बैग वहीं छोड़े और पास के घरों में भागकर अपनी जान बचाई। अब स्थानीय लोगों की मांग है कि वन विभाग हाथी की गतिविधियों पर नजर रखे और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय किए जाएं।





