कर्नाटक

गेम्सक्राफ्ट पर ED की बड़ी कार्रवाई, 526 करोड़ की संपत्ति फ्रीज़

Kavita2
15 May 2026 10:51 AM IST
गेम्सक्राफ्ट पर ED की बड़ी कार्रवाई, 526 करोड़ की संपत्ति फ्रीज़
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Karnataka कर्नाटक: ऑनलाइन रमी और रियल मनी गेमिंग (RMG) कारोबार से जुड़ी कंपनी गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड एक बड़े कानूनी विवाद में घिर गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से की गई कार्रवाई में कंपनी पर मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप सामने आए हैं। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये की संपत्तियां जब्त और फ्रीज़ की गई हैं, जबकि कंपनी के तीन डायरेक्टर्स को गिरफ्तार किया गया है।

ED के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने 7 से 13 मई के बीच बेंगलुरु, NCR क्षेत्र और अन्य स्थानों पर कंपनी के कार्यालयों, डायरेक्टर्स के आवासों और कुछ कर्मचारियों के ठिकानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान जांच एजेंसी को कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।

छापेमारी के दौरान ED ने कुल 526.49 करोड़ रुपये की संपत्तियों और बैंक खातों को फ्रीज़ कर दिया। इनमें बैंक अकाउंट्स, पेमेंट गेटवे बैलेंस, म्यूचुअल फंड्स, बॉन्ड्स और फिक्स्ड डिपॉजिट्स शामिल हैं। यह कार्रवाई PMLA, 2002 के तहत की गई, जिसे अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय जांच कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।

इसके अलावा जांच के दौरान लगभग 2.30 किलोग्राम सोने और हीरे की ज्वेलरी भी जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। साथ ही 11 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। ED के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में दर्ज कई राज्यों की FIR के आधार पर शुरू की गई जांच का हिस्सा है।

जांच में सामने आए डिजिटल और फाइनेंशियल रिकॉर्ड से यह संकेत मिले हैं कि कंपनी के लेन-देन में गंभीर अनियमितताएं हो सकती हैं। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

इस कार्रवाई के बाद ऑनलाइन गेमिंग और रियल मनी गेमिंग सेक्टर में हलचल तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की जांच से इस इंडस्ट्री में पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ सकती है।

सरकारी एजेंसियों का कहना है कि डिजिटल गेमिंग और ऑनलाइन रियल मनी प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी और मजबूत की जा रही है, ताकि वित्तीय गड़बड़ियों और अवैध लेन-देन पर रोक लगाई जा सके।

फिलहाल कंपनी और उसके अधिकारियों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और ED ने संकेत दिए हैं कि आगे और भी संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं।

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