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दक्षिण भारत में ED के 30 ठिकानों पर छापे

Kavita2
3 Sept 2026 3:40 PM IST
दक्षिण भारत में ED के 30 ठिकानों पर छापे
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बेंगलुरु। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान के तहत दक्षिण भारत के कई राज्यों में बड़ा तलाशी अभियान चलाया। ड्रग्स से जुड़े मामलों में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत ED ने केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना में एक साथ 30 स्थानों पर छापेमारी की।

अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई उन लोगों और ठिकानों को लेकर की गई, जिनका संबंध ड्रग्स तस्करी से जुड़े मामलों से बताया जा रहा है। इन मामलों में जांच एजेंसियों और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा दर्ज केसों के आधार पर ED ने जांच शुरू की है।

ED ड्रग्स से जुड़े इन मामलों की जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि यह तलाशी अभियान PMLA की धारा 17 के तहत चलाया गया।

जांच एजेंसी का उद्देश्य ड्रग्स कारोबार से जुड़े अवैध धन के स्रोत और उसके इस्तेमाल का पता लगाना है। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नशीले पदार्थों के कारोबार से अर्जित धन का कहीं मनी लॉन्ड्रिंग या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल तो नहीं किया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, दक्षिण भारत के चार राज्यों में की गई इस कार्रवाई के दौरान कई संदिग्ध व्यक्तियों और उनसे जुड़े परिसरों की जांच की गई। हालांकि, तलाशी के दौरान बरामद सामग्री या आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

तमिलनाडु में ED ने कई स्थानों पर छापेमारी की। जानकारी के अनुसार, चेन्नई में सात जगहों, रामनाथपुरम में दो जगहों, नागपट्टिनम और वेलंकन्नी में छह स्थानों तथा तिरुनेलवेली में एक जगह पर तलाशी ली गई।

इसके अलावा केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में भी कई ठिकानों पर जांच की गई। एजेंसी ने अलग-अलग राज्यों में दर्ज ड्रग्स मामलों से जुड़े लोगों की गतिविधियों और वित्तीय लेनदेन की जांच की।

ड्रग्स तस्करी और उससे जुड़े आर्थिक अपराधों पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। ED की भूमिका ऐसे मामलों में अवैध कमाई और उसके नेटवर्क की जांच करना है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रग्स का कारोबार केवल कानून व्यवस्था की समस्या नहीं बल्कि आर्थिक अपराध से भी जुड़ा हुआ है। नशीले पदार्थों से होने वाली कमाई का इस्तेमाल कई बार अन्य अवैध गतिविधियों में किया जाता है, इसलिए वित्तीय जांच एजेंसियां भी ऐसे मामलों में सक्रिय रहती हैं।

ED पहले भी ड्रग्स से जुड़े कई मामलों में कार्रवाई कर चुकी है। एजेंसी का फोकस ऐसे नेटवर्क को तोड़ना है, जिनके माध्यम से अवैध धन का लेनदेन किया जाता है।

‘नशा मुक्त भारत’ अभियान के तहत सरकार नशीले पदार्थों के खिलाफ जागरूकता और कार्रवाई दोनों स्तरों पर काम कर रही है। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना और ड्रग्स के अवैध कारोबार पर नियंत्रण करना है।

गुरुवार की कार्रवाई को भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ED अधिकारियों ने बताया कि जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

ड्रग्स से जुड़े मामलों में एजेंसियां केवल तस्करों तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि उनके वित्तीय नेटवर्क को भी खत्म करने पर ध्यान दे रही हैं। इसी कारण PMLA के तहत जांच की जा रही है।

दक्षिण भारत में की गई इस व्यापक कार्रवाई से ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े लोगों में हलचल मच गई है। जांच एजेंसी आने वाले समय में और भी कदम उठा सकती है।

फिलहाल ED की टीमों ने विभिन्न स्थानों पर दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य संभावित सबूतों की जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस मामले में कितने लोगों की भूमिका सामने आती है।

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