
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने दुबारे और सक्रेबेल हाथी कैंपों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया है। यह फैसला चेन्नई की एक 33 वर्षीय महिला की मौत के बाद लिया गया है, जो मडिकेरी के दुबारे हाथी कैंप में हाथियों की झड़प के दौरान हादसे का शिकार हो गई थी।
मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी व्यक्ति को हाथियों के पास जाने, उन्हें नहलाने, खिलाने या उनके साथ तस्वीरें लेने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही सभी कैंपों में हाथियों से कम से कम 100 फीट की दूरी बनाए रखना अनिवार्य कर दिया गया है। जब तक नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) पूरी तरह तैयार होकर लागू नहीं हो जाता, तब तक इन सभी हाथी कैंपों की गतिविधियां बंद रहेंगी।
सरकारी निर्देशों के अनुसार, राज्य के सभी हाथी कैंपों के लिए विस्तृत SOP तैयार किया जा रहा है, जिसमें पर्यटकों की सुरक्षा, हाथियों के प्रबंधन और संचालन से जुड़े सख्त नियम शामिल होंगे। सरकार ने पहले ही ट्रेकिंग और सफारी गतिविधियों के लिए कुछ दिशानिर्देश जारी किए थे, लेकिन इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने का निर्णय लिया गया है।
यह घटना सोमवार को मडिकेरी के दुबारे हाथी कैंप में हुई, जहां हाथियों के बीच झड़प के दौरान पर्यटकों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हादसे में तमिलनाडु की 33 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, इस घटना में शामिल हाथी ‘कंजन’ (28) वही हाथी है, जिसने 2025 के मैसूर दशहरा जुलूस में भी हिस्सा लिया था। यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यह हाथी पहले से ही बड़े आयोजनों में शामिल रहा है और प्रशिक्षित माना जाता है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथियों के बीच झड़प होना एक प्राकृतिक व्यवहार है, लेकिन दुबारे कैंप को संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है क्योंकि यहां बड़ी संख्या में हाथी रखे जाते हैं और पर्यटक पानी के बेहद करीब पहुंच जाते हैं। इस वजह से जोखिम अधिक बढ़ जाता है।
अधिकारियों के अनुसार, इस स्थान पर पहले भी महावतों और हाथी सहायकों (कुडू) की जान जा चुकी है। इसके बावजूद, राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव के चलते कैंप को पहले दोबारा खोलना पड़ा था।
अब सरकार ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। SOP लागू होने के बाद ही कैंपों को फिर से खोलने पर विचार किया जाएगा।
वन विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में हाथी पर्यटन से जुड़े नियम और अधिक सख्त किए जाएंगे ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





