
Karnataka कर्नाटक: राज्य में संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने सरकार से हर विधानसभा क्षेत्र के लिए पीने के पानी की व्यवस्था हेतु 10 करोड़ रुपये की विशेष ग्रांट जारी करने की मांग की है। उन्होंने मंगलवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राज्य के कई हिस्सों में पानी की किल्लत बढ़ती जा रही है और समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
अशोक ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही है और प्रशासनिक स्तर पर राहत कार्यों की रफ्तार धीमी है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर जनता पानी की समस्या से जूझ रही है, वहीं कुछ मंत्री अन्य राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य के अधिकांश इलाकों में पीने के पानी की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई पर्याप्त बजट जारी नहीं किया गया है। अशोक ने अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में भी वित्तीय दबाव के चलते कदम उठाए गए हैं और कर्नाटक में भी ऐसी स्थिति बनने की आशंका है।
विपक्षी नेता ने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को तत्काल गौशालाओं के निर्माण और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशियों के लिए भी संकट गहराता जा रहा है।
उन्होंने मौसम विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इस वर्ष मानसून सामान्य से कम रहने की संभावना है, जिससे सूखे की स्थिति और गंभीर हो सकती है। अशोक ने चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा कि यदि सरकार समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाती है, तो प्रशासनिक असफलता का असर जनता को भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने सरकार से अपील की कि इस मुद्दे को प्राथमिकता पर लेते हुए हर विधानसभा क्षेत्र के लिए अलग से बजट आवंटित किया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर जल संकट से निपटा जा सके और लोगों को राहत मिल सके।





