
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक में आयोजित कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) परीक्षा के दौरान ड्रेस कोड को लेकर हुए विवाद के बाद सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। हायर एजुकेशन मंत्री डॉ. एम.सी. सुधाकर ने घोषणा की है कि जिन उम्मीदवारों को ड्रेस कोड की वजह से परीक्षा में परेशानी हुई थी, उनके लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी।
बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री ने बताया कि कुल चार उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्रों पर ड्रेस कोड को लेकर कठिनाई का सामना करना पड़ा था। इनमें से कुछ मामले बेंगलुरु और चिक्काबल्लापुर के परीक्षा केंद्रों से सामने आए हैं, जहां जनीवाड़ा और हिजाब जैसे परिधान को लेकर भ्रम की स्थिति बनी थी।
मंत्री ने कहा कि इस स्थिति में प्रभावित छात्रों ने पुनः परीक्षा कराने की मांग की थी, जिसे गंभीरता से लेते हुए सरकार ने केवल उन्हीं उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया है, जिन्हें वास्तव में दिक्कत हुई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला सभी उम्मीदवारों पर लागू नहीं होगा, बल्कि केवल प्रभावित छात्रों तक सीमित रहेगा।
डॉ. एम.सी. सुधाकर ने यह भी कहा कि परीक्षा में कन्फ्यूजन झेलने वाले छात्रों को ग्रेस मार्क्स देना उचित समाधान नहीं होगा। उनके अनुसार, निष्पक्षता बनाए रखने के लिए दोबारा परीक्षा कराना ही सबसे सही विकल्प है।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है कि पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है।
मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि पिछली परीक्षाओं में भी इस तरह के ड्रेस कोड संबंधी भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई थी, लेकिन इस बार सरकार ने स्पष्ट समाधान निकालने का प्रयास किया है ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं दोबारा न हों।
शिक्षा विभाग के अनुसार, पुनः परीक्षा केवल उन चुनिंदा उम्मीदवारों के लिए होगी जिन्हें वास्तविक रूप से परीक्षा केंद्र पर प्रवेश या नियमों को लेकर परेशानी हुई थी। इसके लिए अलग से तारीख और दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
यह निर्णय Karnataka की CET परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्र हित को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





