कर्नाटक

डॉ. शरथ के राव बने MAHE के 8वें वाइस-चांसलर, संस्थान को नई दिशा की उम्मीद

Harrison
1 May 2026 10:19 PM IST
डॉ. शरथ के राव बने MAHE के 8वें वाइस-चांसलर, संस्थान को नई दिशा की उम्मीद
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Karnataka कर्नाटक: मणिपाल में मणिपाल एकेडमी ऑफ़ हायर एजुकेशन (MAHE) में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। Manipal Academy of Higher Education ने शुक्रवार को घोषणा की कि प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. शरथ के राव ने संस्थान के आठवें वाइस-चांसलर के रूप में पदभार संभाल लिया है।
डॉ. शरथ के राव एक अनुभवी चिकित्सक और अकादमिक प्रशासक हैं, जिनके पास क्लिनिकल प्रैक्टिस और शैक्षणिक प्रशासन दोनों में चार दशकों से अधिक का अनुभव है। चिकित्सा क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता और शैक्षणिक नेतृत्व को देखते हुए उन्हें MAHE जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) एमडी वेंकटेश का स्थान लिया है, जो 1 जुलाई 2020 से वाइस-चांसलर के रूप में कार्यरत थे। उनके कार्यकाल के दौरान संस्थान ने शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। अब नेतृत्व परिवर्तन के साथ MAHE में एक नए चरण की शुरुआत मानी जा रही है।
डॉ. शरथ के राव को उनकी नियुक्ति पर बधाई देते हुए Manipal Education and Medical Group के चेयरमैन डॉ. रंजन आर पाई ने कहा कि उनकी गहरी संस्थागत समझ और समावेशी नेतृत्व शैली MAHE की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगी।
डॉ. राव का करियर चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान से भरा रहा है। वे न केवल एक कुशल सर्जन हैं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा के विकास और संस्थागत सुधारों में भी उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही है।
MAHE भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक है, जो चिकित्सा, इंजीनियरिंग, प्रबंधन और अन्य क्षेत्रों में उच्च शिक्षा प्रदान करता है। नए वाइस-चांसलर से उम्मीद की जा रही है कि वे संस्थान के अकादमिक मानकों, शोध कार्यों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और आगे बढ़ाएंगे।
संस्थान के अधिकारियों का मानना है कि डॉ. राव का अनुभव छात्रों और फैकल्टी दोनों के लिए लाभकारी साबित होगा। उनका नेतृत्व ऐसे समय में आया है जब उच्च शिक्षा क्षेत्र तेजी से तकनीकी और वैश्विक बदलावों से गुजर रहा है।
डॉ. रंजन आर पाई ने कहा कि डॉ. राव की नेतृत्व क्षमता और चिकित्सा एवं शिक्षा क्षेत्र में उनकी गहरी समझ MAHE को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेगी। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि संस्थान आने वाले वर्षों में और अधिक वैश्विक मान्यता प्राप्त करेगा।
नए वाइस-चांसलर के सामने प्रमुख चुनौती संस्थान की गुणवत्ता बनाए रखते हुए उसे और अधिक आधुनिक और अनुसंधान-उन्मुख बनाना होगा। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा।
MAHE लंबे समय से भारत में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और इसकी पहचान वैश्विक स्तर पर भी है। ऐसे में नेतृत्व परिवर्तन को संस्थान के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, डॉ. शरथ के राव की नियुक्ति MAHE के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है, जिसमें शिक्षा, अनुसंधान और वैश्विक सहयोग को और मजबूत करने की उम्मीद की जा रही है।
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