कर्नाटक

मेकेदातु प्रोजेक्ट की DPR 10 दिनों में केंद्र को भेजी जाएगी: DK Shivakumar

Kavita2
22 April 2026 10:50 AM IST
मेकेदातु प्रोजेक्ट की DPR 10 दिनों में केंद्र को भेजी जाएगी: DK Shivakumar
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Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि लंबे समय से लंबित मेकेदातु रिजर्वॉयर परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) अगले 10 दिनों के भीतर केंद्र सरकार को सौंप दी जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस महत्वपूर्ण जल परियोजना को जल्द मंजूरी देगी।

शिवकुमार ने कहा कि यदि केंद्र में बैठे कर्नाटक के मंत्री इस परियोजना के प्रति प्रतिबद्ध हैं, तो उन्हें राज्य सरकार के साथ मिलकर इसे आगे बढ़ाने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों एच.डी. कुमारस्वामी, शोभा करंदलाजे और विपक्षी नेता आर. अशोक से अपील की कि वे इस परियोजना को मंजूरी दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

उपमुख्यमंत्री ने यह बात मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ राज्य में कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने और उद्घाटन कार्यक्रम के बाद कही। शिवकुमार के पास जल संसाधन विभाग का भी प्रभार है।

उन्होंने कावेरी जल विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि कावेरी जल विवाद अधिकरण के अंतिम फैसले के अनुसार कर्नाटक को हर जल वर्ष (जून से मई) के दौरान तमिलनाडु को 177.25 टीएमसीएफटी पानी छोड़ना होता है। हालांकि उन्होंने कहा कि डाउनस्ट्रीम में बैलेंसिंग रिजर्वॉयर की कमी के कारण जब कर्नाटक में भारी बारिश होती है, तो अतिरिक्त पानी बिना नियंत्रण के बिलिगुंडलू तक पहुंच जाता है।

शिवकुमार ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि पिछले कुछ वर्षों में तमिलनाडु को तय सीमा से कहीं अधिक पानी मिला है। उन्होंने कहा कि जून 2024 से मई 2025 के बीच 305.61 टीएमसीएफटी पानी तमिलनाडु पहुंचा, जो तय मात्रा से 128.36 टीएमसीएफटी अधिक है। इसी तरह जून 2022 से मई 2023 के बीच 667.24 टीएमसीएफटी पानी पहुंचा, जो निर्धारित मात्रा से 489.99 टीएमसीएफटी अधिक था।

उन्होंने कहा कि मेकेदातु परियोजना इस असंतुलन को नियंत्रित करने और कावेरी बेसिन में जल प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए बेहद जरूरी है। यह परियोजना कर्नाटक में पेयजल आपूर्ति और जल संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अब समय आ गया है कि केंद्र सरकार भी इसे प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी दे।

उन्होंने यह भी कहा कि जल संसाधन से जुड़े इस मुद्दे पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है, ताकि कर्नाटक और पड़ोसी राज्यों दोनों के हितों की रक्षा हो सके।

कुल मिलाकर, मेकेदातु परियोजना को लेकर कर्नाटक सरकार ने एक बार फिर केंद्र पर दबाव बढ़ाया है और DPR जल्द भेजे जाने के साथ ही इस परियोजना को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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