
Karnataka कर्नाटक: महाजन सेना के राज्य अध्यक्ष डॉ. एम.वी. मंजूनाथ ने जानकारी दी कि डोड्डा नल्लुरहल्ली गांव के सर्वे नंबर 10 में स्थित सरकारी गोमल और राजाकालुवे की करीब 5 एकड़ जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने में प्रशासन को सफलता मिली है। यह कार्रवाई एक साल से चल रहे संघर्ष और स्थानीय लोगों की मांगों के बाद मंगलवार को की गई।
डॉ. मंजूनाथ के अनुसार, निजी बिल्डरों ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर इस सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया था और वहां अवैध लेआउट विकसित किया जा रहा था। इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। लंबे समय से इस मामले को लेकर स्थानीय संगठन और ग्रामीण विरोध दर्ज करा रहे थे।
अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पहले तहसीलदार कार्यालय के सामने प्रदर्शन भी किया गया था, जिसमें प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की गई थी। इसके बाद तालुक प्रशासन और सर्वे विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए जमीन को खाली कराया और उसे सरकारी नियंत्रण में ले लिया।
प्रशासनिक कार्रवाई के बाद पूरी 5 एकड़ जमीन को दोबारा सरकारी कब्जे में ले लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आगे इस जमीन की कानूनी स्थिति और दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जाएगी ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न हो।
इस दौरान डॉ. मंजूनाथ ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि खाली कराई गई जमीन का उपयोग जनहित में किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि आने वाले समय में इस जमीन पर शेल्टर स्कीम के तहत जरूरतमंदों और बेघर लोगों के लिए आवासीय प्लॉट विकसित किए जा सकते हैं।
इस कार्रवाई के दौरान जादिगेनहल्ली होबली के राजस्व अधिकारी लक्ष्मम्मा, तालुक सर्वे अधिकारी जाकिर, और स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधि सावित्रिअम्मा, बसवराजू, केम्पाराजू, प्रकाश, सुरेश, अंजी, अरुण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और आगे भी ऐसे अतिक्रमणों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।





