कर्नाटक

CMO में बड़े प्रोजेक्ट्स की निगरानी के लिए DMU बनाएंगे डी.के. शिवकुमार

Kavita2
18 Jun 2026 11:07 AM IST
CMO में बड़े प्रोजेक्ट्स की निगरानी के लिए DMU बनाएंगे डी.के. शिवकुमार
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Karnataka कर्नाटक: मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार अपने कार्यालय में एक नई ‘डिलीवरी मॉनिटरिंग यूनिट’ (DMU) स्थापित करने की तैयारी में हैं। इस यूनिट का उद्देश्य 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले बड़े विकास प्रोजेक्ट्स की प्रगति और उनके क्रियान्वयन पर सीधे और नियमित निगरानी रखना है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कदम राज्य में चल रहे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्यों को तेज और प्रभावी बनाने की रणनीति का हिस्सा है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के भीतर बनने वाली यह यूनिट उन सभी प्रमुख परियोजनाओं की मॉनिटरिंग करेगी, जिनमें भारी बजट और लंबी अवधि की योजना शामिल है।

इस नई व्यवस्था के तहत हर बड़े प्रोजेक्ट की प्रगति, समयसीमा, बजट उपयोग और फील्ड स्तर पर हो रहे कार्यों की समीक्षा सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी। इससे परियोजनाओं में देरी और प्रशासनिक बाधाओं को कम करने की कोशिश की जाएगी।

इसी बीच, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मुनीश मौदगिल को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रोग्राम और प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन के लिए प्रिंसिपल सेक्रेटरी के रूप में नियुक्त किया गया है। सूत्रों के अनुसार, वे प्रस्तावित डिलीवरी मॉनिटरिंग यूनिट का भी हिस्सा होंगे और परियोजनाओं की निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही बढ़ाना और विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करना है। मुख्यमंत्री कार्यालय अब सीधे तौर पर बड़ी परियोजनाओं की निगरानी करेगा, जिससे निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज होने की उम्मीद है।

सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री शिवकुमार के पास इस कार्यकाल में अब दो साल से भी कम समय बचा है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि बचे हुए समय में अधिक से अधिक परियोजनाओं को पूरा किया जा सके और जनता तक विकास कार्यों के ठोस परिणाम पहुंचें।

इस नई व्यवस्था को राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो परियोजना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली को अधिक केंद्रीकृत और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल होता है, तो यह कर्नाटक में बड़े प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन की गति और पारदर्शिता दोनों को बेहतर कर सकता है।

फिलहाल, डिलीवरी मॉनिटरिंग यूनिट के गठन और इसके ढांचे को लेकर अंतिम रूप दिया जा रहा है और जल्द ही इसे औपचारिक रूप से लागू किए जाने की संभावना है।

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