कर्नाटक

पीएम मोदी के कार्यक्रम में डीके शिवकुमार का संदेश, 'मिलकर देश को बनाएंगे गौरवान्वित'

Ratna Netam
1 Aug 2026 7:07 PM IST
पीएम मोदी के कार्यक्रम में डीके शिवकुमार का संदेश, मिलकर देश को बनाएंगे गौरवान्वित
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मैसूर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कर्नाटक के मैसूर स्थित श्री रामकृष्ण आश्रम में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र ‘विवेक स्मारक’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों और उनके राष्ट्र निर्माण के संदेश को याद करते हुए युवाओं को आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राज्य के विकास के लिए सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि पूरा कर्नाटक देश की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है और केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक एक महान राज्य है और भारत के विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

डीके शिवकुमार ने अपने संबोधन में कहा कि उनके पास कहने के लिए कई बातें हैं, लेकिन समय सीमित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का संदेश देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इस ऐतिहासिक अवसर पर उनका मैसूर आना गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेकर युवा शक्ति को देश निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद के मैसूर प्रवास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करीब 130 वर्ष पहले स्वामी विवेकानंद एक युवा संन्यासी के रूप में मैसूर आए थे। उस समय उनकी प्रसिद्धि आज जैसी नहीं थी, लेकिन उनके विचारों की ऊंचाई और दृष्टिकोण बहुत व्यापक थे। पीएम मोदी ने कहा कि मैसूर के तत्कालीन महाराजा स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रभावित प्रमुख व्यक्तियों में शामिल थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब स्वामी विवेकानंद अमेरिका में थे, तब उन्होंने मैसूर के तत्कालीन महाराजा को पत्र लिखा था और उनके सहयोग का उल्लेख किया था। पीएम मोदी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक ज्ञान को दुनिया तक पहुंचाने का काम किया। उन्होंने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि वास्तविक जीवन वही है जो दूसरों की सेवा के लिए समर्पित हो।

पीएम मोदी ने कहा कि श्री रामकृष्ण आश्रम और स्वामी विवेकानंद की स्मृतियां मैसूर की समृद्ध विरासत का हिस्सा हैं। ‘विवेक स्मारक’ के उद्घाटन से स्वामी विवेकानंद के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इस पहल के लिए श्री रामकृष्ण आश्रम और इससे जुड़े सभी लोगों को बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का मानना था कि देश के विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ समानता भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और अवसरों में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। आज भारत इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है और सभी वर्गों को समान अवसर देने का प्रयास किया जा रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि अब देश में मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पढ़ाई मातृभाषाओं में करने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे भाषा के कारण आने वाली बाधाओं को कम करने में मदद मिलेगी और अधिक से अधिक युवाओं को उच्च शिक्षा के अवसर मिल सकेंगे।

प्रधानमंत्री ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति भारत के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है। आत्मविश्वास, सेवा भावना और ज्ञान के माध्यम से युवा देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।

‘विवेक स्मारक’ को युवाओं में सांस्कृतिक चेतना, शिक्षा और राष्ट्र सेवा की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इस केंद्र के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के विचारों, भारतीय संस्कृति और युवा विकास से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की योजना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और प्रधानमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना।

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