
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को देश की आर्थिक प्रगति और दक्षिण भारत की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का लक्ष्य भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाना होना चाहिए और यह लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है, जब कर्नाटक समेत दक्षिण भारत के राज्य एकजुट होकर काम करें।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में डिप्टी स्पीकर के चुनाव के बाद अपने संबोधन में कहा कि दक्षिण भारत के राज्यों में मौजूद प्रतिभा और क्षमता असाधारण है। उन्होंने कहा कि इस क्षमता का सही उपयोग देश के विकास को नई दिशा दे सकता है।
दक्षिण भारत की प्रतिभा पर दिया जोर
डीके शिवकुमार ने कहा कि दक्षिण भारत में प्रतिभा, तकनीक और मानव संसाधन की कोई कमी नहीं है। यहां के राज्यों में मौजूद क्षमता देश की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
उन्होंने कहा कि यदि सभी राज्य मिलकर काम करें और विकास के साझा लक्ष्य पर आगे बढ़ें तो भारत को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक सहित दक्षिण भारत के राज्य देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं और उनकी ताकत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
प्रधानमंत्री से मुलाकात का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री मैसूर आए थे, तब उन्होंने राज्य के विकास और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया था कि राज्य के हित के लिए किन क्षेत्रों में काम करने की जरूरत है।
शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री का ध्यान इतिहास और कर्नाटक की उपलब्धियों की ओर भी आकर्षित किया था। उन्होंने राज्य में मौजूद प्रतिभा और उसकी ताकत के बारे में भी जानकारी दी थी।
सत्ता स्थायी नहीं होती: शिवकुमार
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राजनीति और सत्ता को लेकर भी अपनी सोच रखी। उन्होंने कहा कि सत्ता कभी स्थायी नहीं होती और हर व्यक्ति को मिले पद का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज वह जिस पद पर हैं, वह जिम्मेदारी और सम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा अपने पद की गरिमा बनाए रखने का प्रयास किया है।
शिवकुमार ने कहा कि उनका मन साफ है और उन्होंने बिना किसी नफरत या ईर्ष्या के देश और राज्य के लोगों की सेवा करने का संकल्प लिया है।
राजनीति में सत्ता के दुरुपयोग से बचने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में सत्ता का इस्तेमाल जनहित के लिए होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत फायदे के लिए।
उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए हर व्यक्ति और हर वर्ग महत्वपूर्ण है। उन्होंने विपक्ष की भूमिका को भी जरूरी बताया और कहा कि लोकतंत्र में आलोचना, सुझाव और विचारों का अपना महत्व होता है।
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों की आलोचना और सरकार की ओर से दिए गए जवाब व सुझाव, दोनों ही राज्य के हित में आवश्यक हैं।
विपक्ष के साथ मिलकर काम करने की बात
डीके शिवकुमार ने विधानसभा में सभी दलों से मिलकर राज्य के विकास के लिए काम करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सरकार और विपक्ष दोनों का अंतिम उद्देश्य जनता की सेवा होना चाहिए। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन राज्य के हित में सभी को एक साथ आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक के विकास के लिए सभी पक्षों का सहयोग जरूरी है।
जनसेवा को बताया मुख्य उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति का असली उद्देश्य जनता की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि पद और सत्ता आने-जाने वाली चीजें हैं, लेकिन लोगों के लिए किए गए काम हमेशा याद रहते हैं।
उन्होंने नेताओं से अपील की कि वे व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर राज्य के विकास पर ध्यान केंद्रित करें।
कर्नाटक के विकास को लेकर सरकार का फोकस
डीके शिवकुमार ने अपने संबोधन में कर्नाटक की आर्थिक क्षमता और विकास की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में मौजूद संसाधन और प्रतिभा का बेहतर उपयोग करके विकास को गति दी जा सकती है।
कर्नाटक पहले से ही आईटी, उद्योग, स्टार्टअप और निवेश के क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि भविष्य में भी राज्य की आर्थिक क्षमता को बढ़ाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।
राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा बयान
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब केंद्र और राज्यों के बीच विकास, संसाधनों और आर्थिक नीतियों को लेकर चर्चा होती रहती है।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, डीके शिवकुमार का यह बयान दक्षिण भारत की आर्थिक भूमिका और राज्यों के बीच सहयोग की जरूरत पर केंद्रित है।
उन्होंने अपने संबोधन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि विकास के लिए राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर काम करना जरूरी है।





