
बेंगलुरु। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा है कि राज्य सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने सरकार की प्रमुख गारंटी योजनाओं पर होने वाले खर्च का विवरण देते हुए कहा कि इन योजनाओं के जरिए आम लोगों, किसानों और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है।
डीके शिवकुमार ने बताया कि राज्य सरकार की विभिन्न गारंटी योजनाओं पर हर साल हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करना और जनता को राहत पहुंचाना है।
गारंटी योजनाओं पर हो रहा बड़ा खर्च
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके पंप सेट के लिए करीब 20,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों को सहायता देने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है।
उन्होंने बताया कि ‘गृह ज्योति’ योजना के तहत लगभग 7,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को मुफ्त बिजली सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
वहीं, ‘गृह लक्ष्मी’ योजना के लिए करीब 22,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत परिवार की महिला मुखिया को आर्थिक सहायता दी जा रही है।
शक्ति और अन्नभाग्य योजनाओं का भी जिक्र
डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार शक्ति और अन्नभाग्य जैसी योजनाओं के लिए भी धन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
‘शक्ति’ योजना के तहत महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है, जबकि ‘अन्नभाग्य’ योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को खाद्यान्न सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार इन योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए लगातार वित्तीय प्रबंधन कर रही है।
जनता से किए वादे पूरे करने का दावा
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गारंटी योजनाएं केवल घोषणाएं नहीं हैं, बल्कि इन्हें जमीन पर लागू करने के लिए बड़ी राशि खर्च की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से समाज के विभिन्न वर्गों को सीधा लाभ मिल रहा है और लोगों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिल रही है।
सागौन की खेती को बढ़ावा देगी सरकार
डीके शिवकुमार ने पर्यावरण और कृषि से जुड़ी एक नई पहल ‘टीगा सिरी’ योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सागौन के पेड़ों की खेती को बढ़ावा देने के लिए इस योजना को लागू करना चाहती है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत हर साल एक करोड़ सागौन के पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत उपलब्ध कराना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
किसानों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ
सरकार का मानना है कि सागौन की खेती किसानों के लिए लंबे समय में फायदेमंद साबित हो सकती है। सागौन की लकड़ी की बाजार में अच्छी मांग होती है, जिससे किसानों को भविष्य में आर्थिक लाभ मिल सकता है।
डीके शिवकुमार ने कहा कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ ऐसी गतिविधियों से भी जोड़ने की जरूरत है, जिससे उनकी आय के नए रास्ते खुल सकें।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर
‘टीगा सिरी’ योजना के जरिए सरकार हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का प्रयास करेगी। एक करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य राज्य में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान को बढ़ावा देगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, सागौन जैसे लंबे समय तक जीवित रहने वाले पेड़ पर्यावरण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं।
विकास और कल्याण योजनाओं पर सरकार का फोकस
डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार एक ओर लोगों के कल्याण के लिए गारंटी योजनाओं को लागू कर रही है, वहीं दूसरी ओर विकास और पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा कि किसानों, महिलाओं और गरीब परिवारों को राहत देने वाली योजनाओं के साथ-साथ भविष्य को ध्यान में रखते हुए नई योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
कर्नाटक सरकार की गारंटी योजनाओं और ‘टीगा सिरी’ पहल को लेकर आने वाले समय में राज्य में इनका प्रभाव देखने को मिलेगा। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से आम जनता और किसानों को लंबे समय तक फायदा मिलेगा।





