
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि केवल घरेलू गैस ही नहीं, बल्कि औद्योगिक गैस और औद्योगिक डीज़ल की कीमतों में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जो चिंता का विषय है।
केंद्र सरकार द्वारा 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। यह पिछले तीन महीनों में दूसरी बार की गई बढ़ोतरी है, जिसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव से जोड़ा जा रहा है।
बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत करते हुए डीके शिवकुमार ने कहा, “मैंने LPG की कीमतों में बढ़ोतरी पर रिपोर्ट सुनी है। इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि औद्योगिक गैस और औद्योगिक डीज़ल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। मैं इस पर विस्तृत रिपोर्ट मंगवा रहा हूं और कल इस मुद्दे पर चर्चा करूंगा।”
उन्होंने संकेत दिया कि राज्य सरकार इस स्थिति की समीक्षा कर रही है और जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार से भी बातचीत की जा सकती है। उनका कहना था कि बढ़ती ऊर्जा कीमतों का असर आम लोगों के साथ-साथ उद्योगों पर भी पड़ सकता है, जिससे आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
इस बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी की कीमतों में तेजी आई है। सरकार के अनुसार, इन चुनौतियों के बावजूद भारत में घरेलू रसोई गैस की कीमतें दुनिया के कई देशों की तुलना में अब भी कम हैं।
सरकारी तेल विपणन कंपनियों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती लागत का दबाव बताया जा रहा है, जिसके चलते घरेलू कीमतों में समायोजन किया जा रहा है। हालांकि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी के माध्यम से राहत दी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता का असर आने वाले समय में भी कीमतों पर देखने को मिल सकता है, जिससे नीति-निर्माताओं के लिए संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रहेगा।





