
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक में राजनीतिक परिदृश्य में बुधवार को एक नया अध्याय जुड़ गया, जब डीके शिवकुमार ने राज्य के 18वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में राज्य और राष्ट्रीय नेताओं की उपस्थिति रही, और इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें बधाई दी। पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि केंद्र सरकार कर्नाटक के लोगों के कल्याण के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी।
शपथ ग्रहण समारोह में डॉ. डीके शिवकुमार के साथ कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं ने भी अपने पद की शपथ ली। इसमें जी परमेश्वर, केएच मुनियप्पा, केजे जॉर्ज, एमबी पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जराकीहोली, कृष्णा बायरेगौड़ा, प्रियांक खड़गे, यूटी खादर, ईश्वर खंड्रे, यतींद्र सिद्धारमैया, भैरथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल शामिल रहे।
समारोह में मुख्यमंत्री के तौर पर डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के विकास और जनता की भलाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनका फोकस राज्य में स्थिरता, समावेशी विकास और सभी वर्गों के लिए बेहतर कल्याणकारी नीतियों पर रहेगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।
ಕರ್ನಾಟಕದ ಮುಖ್ಯಮಂತ್ರಿಯಾಗಿ ಪ್ರಮಾಣವಚನ ಸ್ವೀಕರಿಸಿದ ಶ್ರೀ ಡಿ.ಕೆ. ಶಿವಕುಮಾರ್ ಅವರಿಗೆ ಅಭಿನಂದನೆಗಳು. ಅವರ ಅಧಿಕಾರಾವಧಿಗೆ ಶುಭಾಶಯಗಳು. ಕೇಂದ್ರವು ಕರ್ನಾಟಕ ಸರ್ಕಾರದೊಂದಿಗೆ ಜನರ ಕಲ್ಯಾಣಕ್ಕಾಗಿ ನಿಕಟವಾಗಿ ಕಾರ್ಯನಿರ್ವಹಿಸಲಿದೆ.@DKShivakumar
— Narendra Modi (@narendramodi) June 3, 2026
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने से कर्नाटक में कांग्रेस और गठबंधन सरकार की कार्यशैली में नई ऊर्जा आने की संभावना है। शिवकुमार लंबे समय से कर्नाटक राजनीति में सक्रिय रहे हैं और उनके अनुभव को राज्य प्रशासनिक और विकास कार्यों में लाभकारी माना जा रहा है।
शपथ ग्रहण के बाद, राज्य के विभिन्न हिस्सों में नागरिकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने खुशी व्यक्त की। सोशल मीडिया पर भी बधाई संदेशों की भरमार रही, जिसमें कई लोगों ने कहा कि डीके शिवकुमार की नेतृत्व क्षमता राज्य को नई दिशा देगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्वीट में यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर विकास परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं को तेजी से लागू करने में सहयोग करेंगे। यह संदेश राज्य के नागरिकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
डीके शिवकुमार के नेतृत्व में नई सरकार का गठन ऐसे समय में हुआ है जब कर्नाटक को कई सामाजिक और आर्थिक मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है। नई सरकार की प्राथमिकता रोजगार सृजन, कृषि सुधार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के साथ-साथ राज्य में निवेश को आकर्षित करना होगी।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि शपथ ग्रहण समारोह में शामिल वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति यह दर्शाती है कि कांग्रेस पार्टी और सहयोगी गठबंधन राज्य सरकार में एकजुटता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
समारोह में शपथ लेने वाले अन्य नेताओं ने भी अपनी जिम्मेदारियों को स्वीकार किया और कहा कि वे मुख्यमंत्री के साथ मिलकर राज्य के विकास में योगदान देंगे।
इस प्रकार, कर्नाटक के 18वें मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार का शपथ ग्रहण समारोह न केवल एक औपचारिक अवसर था, बल्कि राज्य में नई सरकार की कार्यशैली और जनता के कल्याण के लिए किए जाने वाले प्रयासों का प्रतीक भी है।





