
कर्नाटक : उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रविवार को सूखे की मार झेल रहे किसानों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को दूर करने और फसल बचाने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है।
डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह बागलकोट जिले के हुनागुंडा तालुक में किसानों के खेतों का दौरा करते हुए नजर आए। इस दौरान उन्होंने किसानों से बातचीत की और सूखे के कारण हो रही परेशानियों को सुना।
किसानों से मिलकर जानी समस्याएं
उपमुख्यमंत्री ने खेतों में पहुंचकर किसानों से उनकी फसल, पानी की उपलब्धता और सूखे से हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि किसानों को यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि मुश्किल समय में सरकार उनके साथ है। उन्होंने कहा कि किसानों ने अपनी समस्याएं साझा कीं और सरकार की मौजूदगी से उन्हें हिम्मत मिली।
‘किसान बचेगा तो देश बचेगा’
डीके शिवकुमार ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा, “अगर किसान बचेगा, तो देश बचेगा।”
उन्होंने कहा कि बारिश की कमी और सूखे जैसी परिस्थितियों के बावजूद सरकार ने किसानों का साथ नहीं छोड़ा है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय और फसल सुरक्षा को लेकर गंभीर है और इसके लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
फसल बचाने के लिए क्लाउड सीडिंग शुरू
डीके शिवकुमार ने बताया कि बारिश की कमी को देखते हुए सरकार ने फसलों को बचाने के लिए क्लाउड सीडिंग की पहल शुरू की है।
उन्होंने कहा कि क्लाउड सीडिंग पर करीब 28.52 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य बारिश की संभावना बढ़ाकर सूखे से प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को राहत पहुंचाना है।
सरकार का मानना है कि इस तकनीक से फसलों को नुकसान से बचाने में मदद मिल सकती है।
बीमा मुआवजे के लिए कंपनियों को निर्देश
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिन किसानों को फसल नुकसान हुआ है, उन्हें जल्द से जल्द बीमा मुआवजा दिलाने के लिए बीमा कंपनियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों को आर्थिक संकट से बाहर निकालने के लिए मुआवजा प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।
सूखे की स्थिति पर सरकार की नजर
कर्नाटक के कई हिस्सों में बारिश की कमी के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फसल उत्पादन प्रभावित होने की आशंका के बीच सरकार लगातार स्थिति की समीक्षा कर रही है।
अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में जाकर किसानों की समस्याएं सुनने और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों को राहत देने की कोशिश
सरकार की ओर से सिंचाई, फसल सुरक्षा और आर्थिक सहायता जैसे कदमों पर काम किया जा रहा है।
डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को अकेला महसूस नहीं होने देना है। उन्होंने कहा कि संकट के समय में किसानों को हर संभव सहायता दी जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी चिंता
सूखे की स्थिति के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। पानी की कमी, फसल खराब होने और आर्थिक नुकसान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसे समय में सरकार की ओर से दिए गए भरोसे को किसानों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है।
डीके शिवकुमार के खेत दौरे और घोषणाओं के बाद अब किसानों की नजर सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता और राहत उपायों पर है। राज्य सरकार का कहना है कि सूखे की चुनौती से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।





