कर्नाटक

टी. नरसीपुरा में जुलूस को लेकर विवाद, पूर्व सांसद की पोस्ट के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल

Kavita2
18 Sept 2026 10:49 AM IST
टी. नरसीपुरा में जुलूस को लेकर विवाद, पूर्व सांसद की पोस्ट के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
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मैसूरु। कर्नाटक के टी. नरसीपुरा में गणपति विसर्जन जुलूस को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पूर्व सांसद प्रताप सिम्हा की एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद इलाके में प्रस्तावित जुलूस को लेकर चर्चा बढ़ गई है। वहीं, विभिन्न संगठनों की ओर से अलग-अलग कार्यक्रमों की घोषणा के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है।

पूर्व सांसद प्रताप सिम्हा ने फेसबुक पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, “जब अंग्रेज यहां थे, तब हम गणपति की मूर्तियां निकालकर जुलूस निकालते थे; अब हम ऐसा क्यों नहीं करते? आइए, टी. नरसीपुरा में मिलते हैं।” उनकी इस पोस्ट के बाद हिंदू जागरण वेदिका ने जुलूस निकालने की घोषणा की।

जानकारी के अनुसार, यह जुलूस 18 सितंबर को शाम 4 बजे आयोजित करने की योजना बनाई गई है। हिंदू जागरण वेदिका की ओर से इसके लिए प्रचार सामग्री और पर्चे भी जारी किए गए हैं। संगठन ने लोगों से जुलूस में शामिल होने की अपील की है।

बताया जा रहा है कि यह कार्यक्रम टी. नरसीपुरा के पुलिस इंस्पेक्टर धनंजय के एक कथित बयान के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। हालांकि, पूरे मामले को लेकर विभिन्न पक्षों की अपनी-अपनी दलीलें हैं।

जुलूस की तैयारियों के बीच टी. नरसीपुरा शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। पुलिस अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए निगरानी बढ़ाई जा रही है।

हिंदू जागरण वेदिका की ओर से आयोजित किए जा रहे जुलूस के मस्जिद के सामने से गुजरने की बात सामने आई है। इसके चलते प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ गई है, ताकि सभी समुदायों के बीच शांति और सौहार्द बना रहे।

वहीं, इस कार्यक्रम के जवाब में संविधान रक्षा समिति ने भी ‘संविधान रक्षा मैत्री रथ यात्रा’ निकालने का फैसला किया है। समिति की ओर से यह कार्यक्रम सामाजिक सद्भाव और संविधान के मूल्यों को लेकर आयोजित करने की बात कही गई है।

दोनों संगठनों की ओर से कार्यक्रमों की घोषणा के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।

स्थानीय प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों। ऐसे आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी होता है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी कार्यक्रमों के दौरान नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, धार्मिक आयोजनों और जुलूसों को लेकर विवाद कई बार स्थानीय राजनीति का मुद्दा बन जाते हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन की भूमिका संतुलन बनाए रखने और सभी पक्षों के अधिकारों की रक्षा करने की होती है।

फिलहाल टी. नरसीपुरा में प्रस्तावित जुलूस और उसके जवाब में होने वाली गतिविधियों को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है, ताकि किसी भी तरह की तनावपूर्ण स्थिति को रोका जा सके।

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