
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक की Dharwad Assembly Constituency सीट पर उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। यह सीट तब खाली हुई जब पूर्व विधायक Vinay Kulkarni को एक हत्या मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद विधानसभा सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया। उनके अयोग्य घोषित होने के बाद अब यहां जल्द ही उपचुनाव होने की संभावना है।
इस सीट को लेकर कांग्रेस खेमे में रणनीति पर मंथन चल रहा है। पार्टी सर्कल में चर्चा है कि कांग्रेस Indian National Congress इस बार विनय कुलकर्णी की पत्नी Vinay Shivleela Kulkarni को उम्मीदवार बना सकती है। इस संभावना के चलते उनके समर्थकों ने ऑनलाइन अभियान भी शुरू कर दिया है, ताकि जनता के बीच उनकी दावेदारी को मजबूत किया जा सके।
समर्थकों का मानना है कि विनय कुलकर्णी की क्षेत्र में की गई सक्रियता और उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों का असर उनकी पत्नी के पक्ष में वोटों के रूप में बदल सकता है। उनका कहना है कि कुलकर्णी की जनता से जुड़ाव और उनकी “ग्राउंड लेवल सर्विस” का राजनीतिक फायदा इस उपचुनाव में मिल सकता है।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) भी इस सीट को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो गई है। पार्टी की ओर से पूर्व विधायक Amrut Desai को उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि उनके पास पहले से इस क्षेत्र का अनुभव और जनता से मजबूत संपर्क है, जो उपचुनाव में उनके लिए लाभदायक साबित हो सकता है।
बीजेपी खेमे का कहना है कि अमृत देसाई की पिछली जीतों और क्षेत्र में उनकी सक्रियता को देखते हुए वे इस बार भी मजबूत दावेदार साबित हो सकते हैं। कार्यकर्ता यह भी मान रहे हैं कि संगठनात्मक मजबूती और स्थानीय मुद्दों पर पकड़ इस चुनाव में अहम भूमिका निभाएगी।
उपचुनाव की घोषणा से पहले ही दोनों प्रमुख दलों के बीच राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की बैठकें, जनसंपर्क अभियान और रणनीति तैयार करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपचुनाव केवल एक सीट का मुकाबला नहीं होगा, बल्कि यह क्षेत्रीय राजनीति और दोनों दलों की संगठनात्मक ताकत का भी परीक्षण साबित होगा। कांग्रेस जहां सहानुभूति और स्थानीय जुड़ाव के आधार पर बढ़त बनाने की कोशिश में है, वहीं बीजेपी अपने संगठन और पूर्व प्रदर्शन के सहारे मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
कुल मिलाकर, धारवाड़ विधानसभा उपचुनाव में मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है, जहां दोनों प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मतदाताओं को साधने में जुटे हुए हैं।





